Commonwealth Games: Glasgow में चल रहे Commonwealth Games 2026 से भारतीय खेल प्रेमियों के लिए एक और अच्छी खबर आई है। भारत की वेटलिफ्टर बिंदियारानी देवी (Bindyarani Devi) ने देश को एक और पदक दिला दिया है। उन्होंने महिलाओं के 58 किलोग्राम भार वर्ग में कुल 199 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक अपने नाम किया। यह इस प्रतियोगिता में भारत का छठा पदक है। आइए जानते हैं कि यह मुकाबला कैसा रहा और बिंदिया ने किस तरह अपनी जगह बनाई।
स्नैच में बिंदिया का दमदार प्रदर्शन
प्रतियोगिता की शुरुआत स्नैच राउंड से हुई, जहां बिंदियारानी ने काफी समझदारी और आत्मविश्वास के साथ शुरुआत की। उन्होंने स्नैच में कुल 87 किलोग्राम वजन उठाया और उनके तीनों प्रयास पूरी तरह सफल रहे।
पहले प्रयास में उन्होंने 83 किलोग्राम भार उठाने का फैसला किया, जिसमें वह आसानी से कामयाब रहीं। हालांकि, शुरुआत में उन्होंने 85 किलो वजन का पंजीकरण कराया था, पर रणनीति के तहत आखिरी पलों में थोड़ा कम वजन चुना। दूसरे प्रयास में उन्होंने वजन बढ़ाकर 85 किलो किया और इसे भी बिना किसी परेशानी के उठा लिया। इसके बाद तीसरे प्रयास में उन्होंने 87 किलो का भार उठाकर स्नैच राउंड को बढ़त के साथ खत्म किया।
क्लीन एंड जर्क में पहला प्रयास असफल, फिर दमदार वापसी
स्नैच के बाद क्लीन एंड जर्क राउंड थोड़ा उतार-चढ़ाव से भरा रहा। बिंदिया ने अपने पहले प्रयास में 110 किलोग्राम वजन उठाया भी, लेकिन ज्यूरी के रिव्यू के बाद इसे ‘नो लिफ्ट’ यानी अमान्य घोषित कर दिया गया।
इस शुरुआती झटके के बावजूद उन्होंने अपना हौसला बनाए रखा और दूसरे प्रयास में 112 किलोग्राम वजन उठाकर जोरदार वापसी की। इस लिफ्ट ने उन्हें पदक की दौड़ में बनाए रखा। इसके बाद इंग्लैंड की एलिजा प्राट से थोड़ी चुनौती मिली, जो तीसरे स्थान के लिए होड़ में थीं। लेकिन प्राट अपने अंतिम प्रयास में 113 किलो भार नहीं उठा सकीं, और इसके साथ ही भारत के लिए बिंदियारानी देवी का कांस्य पदक पक्का हो गया।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर बिंदिया का सफर और भारत की स्थिति
इस स्पर्धा में नाइजीरिया की रागियातु फोलशादे लॉवल ने 229 किलो का रिकॉर्ड वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि कनाडा की ऐन सोफी ताशेरो ने 215 किलो के साथ रजत पदक हासिल किया। बिंदियारानी के लिए यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहली बड़ी सफलता नहीं है। इससे पहले उन्होंने बर्मिंघम विश्व चैंपियनशिप में रजत और 2021 विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक भी जीता है।
Glasgow 2026 में भारत का प्रदर्शन अब तक काफी बेहतर रहा है। अब तक भारत के नाम कुल 6 पदक हो चुके हैं, जो इस प्रकार हैं:
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मीराबाई चानू – भारोत्तोलन (स्वर्ण पदक)
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ऋषिकांत सिंह चाननबम – भारोत्तोलन (रजत पदक)
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राजा मुथुपंडी – भारोत्तोलन (रजत पदक)
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ज्ञानेश्वरी यादव – भारोत्तोलन (रजत पदक)
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झंडू कुमार – पैरा पॉवरलिफ्टिंग (कांस्य पदक)
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बिंदियारानी देवी – भारोत्तोलन (कांस्य पदक)
भारतीय एथलीटों का यह प्रदर्शन खेल प्रेमियों के लिए बेहद उत्साहजनक है और आगे के मुकाबलों से भी पदक की उम्मीदें बनी हुई हैं।







