Azamgarh जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दीदारगंज थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 25 हजार रुपये के इनामी गैंगस्टर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी जय कुमार गौतम वाहन चोरी और नक बजनी जैसी वारदातों में सक्रिय था। वह अपने साथियों के साथ संगठित गिरोह बनाकर क्षेत्र में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता था। उसकी गतिविधियों से इलाके में भय का माहौल बना हुआ था, जिसके चलते उस पर गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था।
मुखबिर की सूचना पर सुघर पुर तिराहे के पास घेराबंदी कर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी पर गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। यह काफी समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था। इसकी गिरफ्तारी से इलाके के वाहन स्वामियों ने राहत की सांस ली है।

तिराहे के पास से हुई शातिर की गिरफ्तारी
Azamgarh पुलिस को सूचना मिली थी कि गैंगस्टर जयकुमार गौतम सागरपुर तिराहे के पास खड़ा है और शहर से बाहर भागने की फिराक में है। इस सटीक जानकारी पर सब इंस्पेक्टर अनिल कुमार ने टीम के साथ मौके पर दबिश दी और घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस पिछले काफी समय से इसकी तलाश में जुटी हुई थी, क्योंकि इसके डर की वजह से लोग इसके खिलाफ गवाही देने से भी कतराते थे।
दहशत का पर्याय बना था यह गैंग
इस मामले की शुरुआत जनवरी 2026 में हुई थी, जब Azamgarh के दीदारगंज थाने में इसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि यह आरोपी एक संगठित गिरोह चलाता है जो पलक झपकते ही गाड़ियां पार कर देता था। इसकी हरकतों से Azamgarh के आम लोगों में काफी डर था। इसी को देखते हुए जिले के एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार ने इस पर इनाम घोषित किया था। आरोपी पर पहले से ही पांच गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
कानून का शिकंजा और जेल की राह
गिरफ्तारी के बाद आजमगढ़ पुलिस अब आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेजने की तैयारी पूरी कर ली गई है। पुलिस का कहना है कि आजमगढ़ में अपराधियों के खिलाफ ऐसा अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि जनता में सुरक्षा का भाव बना रहे। इस कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, वह कानून की पकड़ से ज्यादा दिन दूर नहीं रह सकता।
Azamgarh पुलिस की यह मुस्तैदी सराहनीय है। वाहन चोरी जैसी घटनाएं न केवल आर्थिक नुकसान पहुँचाती हैं, बल्कि समाज में असुरक्षा भी पैदा करती हैं। उम्मीद है कि इस गिरोह के सरगना के पकड़े जाने के बाद आजमगढ़ में चोरी की वारदातों में कमी आएगी।
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