उत्तर प्रदेश के azamgarh जिले के अहरौला थाना क्षेत्र से धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। अहरौला पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन बेचकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। यहां जमीन दिलाने के नाम पर फर्जी कागजात दिखाकर एक व्यक्ति से लाखों रुपये हड़प लिए गए। पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड शोभनाथ सेठ समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से एक क्रेटा कार और छह मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
जान-पहचान में हुआ जमीन का सौदा
अतरौलिया के रहने वाले दुर्गेश कुमार पांडेय के मुताबिक, साल 2019 में एक परिचित के जरिए उनकी मुलाकात शोभनाथ सेठ और उनके साथियों से हुई थी। इन लोगों ने ग्राम मेहियापार में एक जमीन दिखाई और खुद को उसका मालिक बताया। विश्वास दिलाने के लिए आरोपी पक्ष ने जमीन के दस्तावेज भी पेश किए, जिसके बाद जमीन का सौदा तय हो गया।
बैंक और कैश के जरिए दिए 35 लाख रुपये
पीड़ित ने जमीन खरीदने के लिए बैंक ट्रांसफर और नकद मिलाकर कुल 35 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच इकरारनामा भी बन गया। लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी जब बैनामा नहीं कराया गया, तो पीड़ित को शक हुआ।
जब पीड़ित ने राजस्व विभाग में कागजातों की जांच कराई, तो पता चला कि वह जमीन आरोपियों के नाम पर थी ही नहीं। आरोपियों ने फर्जी खतौनी दिखाकर यह पूरी जालसाजी रची थी। रुपये वापस मांगने पर आरोपियों ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। फिलहाल पुलिस ने छह लोगों पर 35 लाख की ठगी का केस दर्ज कर अहरौला थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार आरोपी फर्जी खतौनी और कूटरचित दस्तावेज दिखाकर लोगों से आरटीजीएस और नकद के माध्यम से रकम वसूलते थे, लेकिन न जमीन का बैनामा करते थे और न ही पैसा लौटाते थे। विरोध करने पर पीड़ितों को धमकाया जाता था। एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि मुख्य आरोपी पर कई मुकदमे दर्ज हैं, जबकि चेक बाउंस के 20 से अधिक मामले विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन हैं।
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