Amroha fake birth certificate: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से साइबर धोखाधड़ी का एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां साइबर ठगों ने जोया ब्लॉक की तोफापुर ग्राम पंचायत के सचिव की बंद पड़ी सरकारी आईडी (Government ID) को हैक (Hack) कर लिया। जालसाजों ने महज 2 दिनों के भीतर सैकड़ों फर्जी जन्म प्रमाण पत्र (fake birth certificate) जारी कर दिए। इस पूरे खेल का खुलासा तब हुआ जब संबंधित अधिकारी की आईडी सही से काम नहीं कर रही थी। आइए समझते हैं कि इस बड़े फर्जीवाड़े को अंजाम कैसे दिया गया और प्रशासन इस पर क्या कदम उठा रहा है।
बंद सरकारी आईडी से फर्जीवाड़े का बड़ा खेल
मामला जोया ब्लॉक के तोफापुर ग्राम पंचायत का है। आरोपी साइबर ठगों ने ग्राम सचिव की बंद पड़ी आईडी में सेंधमारी की और 6 तथा 7 अक्टूबर के बीच महज 48 घंटों में 498 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी कर डाले। जांच में यह बात भी निकलकर सामने आ रही है कि हैकर्स टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर सरकारी आईडी और पासवर्ड 5 से 10 हजार रुपये में बेच रहे थे। फर्जीवाड़े की हद तो यह है कि 1939 से 1950 के बीच जन्मे बुजुर्गों के नाम से भी प्रमाण पत्र बना दिए गए।
17 राज्यों से जुड़े तार और पुलिस की जांच
शुरुआती पड़ताल से पता चला है कि इस फर्जीवाड़े का दायरा सिर्फ यूपी तक सीमित नहीं है। जालसाजों ने दिल्ली, बिहार, और झारखंड समेत देश के करीब 17 राज्यों के लोगों के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए हैं। दिलचस्प बात यह है कि इन सभी सैकड़ों प्रमाण पत्रों को जारी करते वक्त सिर्फ दो मोबाइल नंबरों पर ही ओटीपी भेजे गए थे। फिलहाल पुलिस और साइबर सेल की टीम उन नंबरों को ट्रैक कर पूरे गिरोह को बेनकाब करने में जुटी है।
वहीं, सरकार भी साइबर अपराध रोकने के लिए 1 नवंबर से अनजान नंबरों के कॉल पर कॉलर का नाम अनिवार्य रूप से दिखाने के निर्देश जारी कर चुकी है।
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