Ambedkar Murti Vikas Yojana: उत्तर प्रदेश की राजनीति और विकास की दिशा में मंगलवार का दिन काफी अहम रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में दो ऐसे बड़े फैसले लिए गए, जिनका सीधा असर राज्य के सामाजिक ताने-बाने और शिक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा। सरकार ने एक तरफ विरासत को संजोने के लिए बजट जारी किया है, तो दूसरी तरफ युवाओं के भविष्य के लिए नए विश्वविद्यालय का रास्ता साफ किया है।
Ambedkar Murti Vikas Yojana और विरासत का संरक्षण
यूपी सरकार ने Ambedkar Murti Vikas Yojana-2026 को मंजूरी देकर एक बड़ा संदेश दिया है। अक्सर हम देखते हैं कि हमारे महापुरुषों की प्रतिमाएं देखरेख के अभाव में उतनी सुरक्षित नहीं रह पातीं जितनी होनी चाहिए। अब इस योजना के जरिए न केवल बाबा साहब डॉ. भीमराव आम्बेडकर, बल्कि संत रविदास, कबीरदास और ज्योतिबा फुले जैसे समाज सुधारकों की प्रतिमा स्थलों को नया स्वरूप दिया जाएगा।
बजट और विधानसभा वार आवंटन
इस पूरी योजना के लिए सरकार ने 403 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट रखा है। Ambedkar Murti Vikas Yojana की खास बात यह है कि इसमें प्रदेश की सभी 403 विधानसभाओं को शामिल किया गया है। हर विधानसभा क्षेत्र को 1-1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसका मतलब है कि जमीनी स्तर पर काम होगा और हर इलाके के महापुरुषों के स्मारकों का कायाकल्प हो सकेगा।
प्रतिमा स्थलों पर क्या बदलाव दिखेंगे?
अक्सर सार्वजनिक जगहों पर लगी प्रतिमाओं के पास बाउंड्री या रोशनी की कमी होती है। Ambedkar Murti Vikas Yojana के तहत हर चयनित स्थल पर करीब 10 लाख रुपये खर्च किए जा सकेंगे। इसमें प्रतिमा के ऊपर छतरी (शेड) लगाना, चारों तरफ मजबूत बाउंड्री वॉल बनाना, लाइटिंग की व्यवस्था करना और वहां हरियाली विकसित करना शामिल है। Ambedkar Murti Vikas Yojana के पहले चरण में उन प्रतिमाओं को लिया गया है जो 31 दिसंबर 2025 तक स्थापित हो चुकी हैं।
ग्रेटर नोएडा में मेट्रो विश्वविद्यालय की शुरुआत
सिर्फ सामाजिक न्याय ही नहीं, शिक्षा के मोर्चे पर भी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। ग्रेटर नोएडा में अब ‘मेट्रो विश्वविद्यालय’ की स्थापना होने जा रही है। सनहिल हेल्थकेयर द्वारा करीब 26 एकड़ जमीन पर बनने वाला यह निजी विश्वविद्यालय यूपी को एजुकेशन हब बनाने की दिशा में एक और कड़ी है। इसके लिए सरकार अध्यादेश-2026 लाने की तैयारी में है।
14 अप्रैल को होगा विशेष आयोजन
Ambedkar Murti Vikas Yojana को लेकर सरकार काफी गंभीर है। आने वाली 14 अप्रैल यानी आम्बेडकर जयंती के मौके पर सभी विधानसभाओं में विशेष कार्यक्रम होंगे। इन कार्यक्रमों में जनता को बताया जाएगा कि उनके क्षेत्र में किन-किन प्रतिमा स्थलों को Ambedkar Murti Vikas Yojana के तहत चुना गया है। इससे योजना में पारदर्शिता भी बनी रहेगी।
देखें तो योगी सरकार का यह कदम सामाजिक सम्मान और आधुनिक शिक्षा का एक संतुलित मिश्रण है। Ambedkar Murti Vikas Yojana के जरिए जहां वंचित समाज के नायकों की विरासत को मजबूती मिलेगी, वहीं नए विश्वविद्यालय से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। यह देखना सुखद है कि विकास की चर्चा अब सिर्फ सड़कों और पुलों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें हमारी पहचान और शिक्षा भी शामिल है।
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