Gorakhpur Bank Fraud: इंडसइंड बैंक के अधिकारियों पर गिरी गाज, महिला के खाते से बिना पूछे बनाई 5 लाख की FD; अब पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

Share This Article

गोरखपुर: बैंकिंग सेक्टर में ग्राहकों के भरोसे के साथ खिलवाड़ का एक बड़ा मामला उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से सामने आया है। यहाँ हुमायूँपुर इलाके की रहने वाली सपना राहुजा के साथ इंडसइंड बैंक की स्थानीय शाखा में लाखों रुपये का फर्जीवाड़ा किया गया। बैंक के कर्मचारियों ने न केवल सपना की जानकारी के बिना उनके खाते से 5 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) बनाई, बल्कि उसे कुछ ही दिनों में तोड़ भी दिया। अब इस मामले में पुलिस ने शाखा प्रबंधक (ब्रांच मैनेजर) समेत कई बैंक अधिकारियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

क्या है पूरा मामला? बिना अनुमति के हुआ खेल

पीड़िता सपना राहुजा ने पुलिस को दी गई अपनी तहरीर में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि यह पूरा मामला सितंबर 2024 का है। 10 सितंबर 2024 को बैंक कर्मचारियों ने उनके खाते में जमा रकम का इस्तेमाल कर बिना किसी लिखित या डिजिटल अनुमति के 5 लाख रुपये की FD बना दी। हद तो तब हो गई जब इसके ठीक तीन दिन बाद, यानी 13 सितंबर 2024 को, उनकी सहमति के बिना ही उस FD को तोड़ भी दिया गया।

सपना का आरोप है कि बैंक की इस मनमानी प्रक्रिया की वजह से उनके ‘इंडस ग्रेड अकाउंट’ का न्यूनतम बैलेंस (Minimum Balance) भी प्रभावित हुआ और उन्हें मानसिक के साथ-साथ आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा।

दस्तावेजों का दुरुपयोग और धमकी देने का आरोप

सपना राहुजा ने पुलिस को बताया कि बैंक कर्मचारियों ने उनके केवाईसी (KYC) दस्तावेजों, हस्ताक्षरों और अन्य व्यक्तिगत पहचान संबंधी जानकारियों का गलत इस्तेमाल किया। जब उन्होंने बैंक जाकर इस गड़बड़ी का विरोध किया और जवाब मांगा, तो उन्हें डराया-धमकाया गया।

सपना के मुताबिक, शाखा प्रबंधक नितीश वर्मा, डिप्टी ब्रांच मैनेजर आदित्य प्रकाश और अन्य कर्मचारियों ने उन पर इस मामले को दबाने का दबाव बनाया। इतना ही नहीं, आरोप है कि बैंक अधिकारियों ने उनके पति लोकेश राहुजा को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी।

RBI की जांच में खुली पोल, बैंक पर लगा जुर्माना

बैंक से न्याय न मिलने पर पीड़ित पक्ष ने इसकी शिकायत भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से की। बैंकिंग लोकपाल और आरबीआई की विस्तृत जांच में बैंक की बड़ी लापरवाही और फर्जीवाड़ा सामने आया। 29 दिसंबर 2025 को जारी अपने आदेश में आरबीआई ने पुष्टि की कि इंडसइंड बैंक की गलती थी और फर्जी हस्ताक्षरों का उपयोग किया गया था।

जांच रिपोर्ट के आधार पर आरबीआई ने इंडसइंड बैंक पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। इस आदेश ने पीड़ित महिला के आरोपों पर मुहर लगा दी, जिससे बैंक के भीतर चल रहे कथित सिंडिकेट की पोल खुल गई।

पुलिस की कार्रवाई: FIR दर्ज, जांच शुरू

रिजर्व बैंक की रिपोर्ट और सपना राहुजा की शिकायत के बाद गोरखपुर पुलिस एक्शन मोड में आ गई है। एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि बैंक के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है।

पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या इस फर्जीवाड़े में कुछ और लोग भी शामिल थे और क्या इसी तरह अन्य ग्राहकों के खातों के साथ भी छेड़छाड़ की गई है। एसपी सिटी ने साफ किया कि साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted

Live Channel

Advertisement

[wonderplugin_slider id=1]

Live Poll

[democracy id="2"]

Also Read This