भदरवाह (जम्मू और कश्मीर): जब भी रसोई गैस जैसी जरूरी चीजों की किल्लत की खबरें आती हैं, तो कुछ लोग इसका फायदा उठाने की कोशिश करने लगते हैं। ऐसा ही कुछ जम्मू-कश्मीर के भदरवाह इलाके में हो रहा था, जहां पुलिस ने रविवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध जमाखोरी का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने न सिर्फ भारी मात्रा में सिलेंडर बरामद किए, बल्कि इस खेल में शामिल आरोपियों को भी दबोच लिया है।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब दुनिया भर में चल रहे तनावों की वजह से गैस सप्लाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। आइए जानते हैं कि भदरवाह में क्या हुआ और देश में गैस की स्थिति असल में कैसी है।
पुलिस की छापेमारी और 75 सिलेंडरों की बरामदगी
भदरवाह पुलिस को काफी समय से खबरें मिल रही थीं कि इलाके में कुछ लोग अवैध रूप से एलपीजी (LPG) सिलेंडर बेच रहे हैं। आम जनता को ऊंची कीमतों पर सिलेंडर देने और स्टॉक को छिपाकर रखने की सूचना मिलते ही पुलिस एक्शन में आ गई।
एसएसपी डोडा संदीप मेहता के निर्देशों पर पुलिस की एक टीम ने खास ठिकानों पर छापेमारी की। इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से कुल 75 एलपीजी सिलेंडर बरामद किए।
छापेमारी की मुख्य बातें:
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अब्दुल हामिद: इनके पास से 8 भरे हुए और 15 खाली सिलेंडर मिले।
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गुलाम रसूल: इनके कब्जे से 28 भरे हुए और 24 खाली सिलेंडर जब्त किए गए।
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कानूनी कार्रवाई: पुलिस ने आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि जरूरी चीजों की कालाबाजारी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, क्योंकि इससे आम आदमी की जेब और घर की व्यवस्था दोनों बिगड़ती हैं।
दुनिया के हालात और गैस की सप्लाई
आजकल मिडिल ईस्ट यानी पश्चिम एशिया में जो संघर्ष चल रहा है, उसका असर पूरी दुनिया की ऊर्जा सप्लाई पर पड़ा है। ऐसे में कई जगहों पर एलपीजी की कमी की अफवाहें फैलने लगी थीं। इसी माहौल का फायदा उठाकर कुछ असामाजिक तत्व सिलेंडरों को जमा करके महंगे दामों पर बेचने की कोशिश कर रहे हैं। भदरवाह की यह घटना भी उसी का एक हिस्सा थी, जिस पर पुलिस ने समय रहते लगाम लगा दी।
क्या सच में गैस खत्म हो रही है? सरकार का जवाब
सिलेंडरों की कमी को लेकर फैल रही खबरों के बीच केंद्र सरकार ने रविवार को स्थिति साफ की है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक बयान जारी कर बताया कि देश में कहीं भी गैस सप्लाई पूरी तरह खत्म (Dry-out) होने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।
आंकड़ों की बात करें तो मंत्रालय ने बताया कि एलपीजी बुकिंग में थोड़ी गिरावट जरूर आई है। जहां 13 मार्च को करीब 88.8 लाख बुकिंग हुई थीं, वहीं कल यह आंकड़ा 77 लाख के आसपास रहा। इसका मतलब है कि लोग अब धीरे-धीरे अपनी जरूरत के हिसाब से ही बुकिंग कर रहे हैं।
राज्यों में नई व्यवस्था और पेट्रोल-डीजल का स्टॉक
बिहार, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों ने गैर-घरेलू (कमर्शियल) गैस के इस्तेमाल को लेकर नए सरकारी दिशा-निर्देश लागू कर दिए हैं। कमर्शियल सिलेंडरों का वितरण अब राज्य सरकारों की प्राथमिकता पर है, ताकि होटल, रेस्टोरेंट और अन्य उद्योगों को परेशानी न हो। अच्छी बात यह है कि यह व्यवस्था अब देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सुचारू रूप से लागू है।
साथ ही, सरकार ने पेट्रोल और डीजल को लेकर भी बड़ी राहत दी है। मंत्रालय के मुताबिक, किसी भी पेट्रोल पंप पर तेल की कमी का कोई मामला सामने नहीं आया है और सप्लाई पूरी तरह नियमित है।
घबराएं नहीं, पैनिक बाइंग से बचें
अक्सर जब ऐसी खबरें आती हैं, तो लोग डर के मारे जरूरत से ज्यादा सामान खरीदना या स्टोर करना शुरू कर देते हैं, जिसे ‘पैनिक बाइंग’ कहा जाता है। सरकार और प्रशासन ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे घबराएं नहीं। देश में पेट्रोल, डीजल और गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है। अगर हम जरूरत के हिसाब से चीजें खरीदेंगे, तो आपूर्ति व्यवस्था कभी बाधित नहीं होगी।