CM Yogi का जापान दौरा और निवेश रोड शो
उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और मजबूत बनाने के लिए CM Yogi हाल ही में जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचे। सिंगापुर के बाद यह दौरा खास तौर पर इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि जापान लंबे समय से भारत का भरोसेमंद औद्योगिक साझेदार रहा है। टोक्यो में आयोजित निवेश रोड शो में बड़ी संख्या में उद्योगपति, कारोबारी और निवेशक शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान CM Yogi ने साफ कहा कि उत्तर प्रदेश आज सुरक्षित माहौल, मजबूत कानून व्यवस्था और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ निवेश के लिए तैयार है। उनका कहना था कि राज्य में सरकार की नीतियां उद्योगों को सहयोग देने के लिए बनाई गई हैं, ताकि निवेशक बिना परेशानी अपना काम शुरू कर सकें।
भारत-जापान सांस्कृतिक संबंधों की चर्चा
टोक्यो में अपने संबोधन की शुरुआत CM Yogi ने भारत और जापान के सांस्कृतिक रिश्तों से की। उन्होंने जापान को “लैंड ऑफ द सनराइज” बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सूर्यवंश की परंपरा से जुड़ा प्रदेश है, जहां भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या स्थित है।
उन्होंने भगवान बुद्ध का भी उल्लेख किया, जिनकी कर्मभूमि उत्तर प्रदेश रही है। सारनाथ, कुशीनगर और श्रावस्ती जैसे स्थानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन स्थलों का विकास तेजी से किया जा रहा है। रामायण सर्किट और बौद्ध सर्किट के जरिए आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है।
इस संदर्भ में CM Yogi ने कहा कि भारत और जापान का रिश्ता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जुड़ाव से भी जुड़ा है।
निवेश के लिए बड़ा बाजार और संभावनाएं
उत्तर प्रदेश की आबादी लगभग 25 करोड़ है, जो इसे देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार बनाती है। CM Yogi ने बताया कि इतनी बड़ी आबादी जहां चुनौतियां लेकर आती है, वहीं यह बड़े अवसर भी देती है।
पिछले कुछ वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था में तेज वृद्धि दर्ज की गई है। प्रति व्यक्ति आय में भी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य को कभी “बीमारू” कहा जाता था, लेकिन अब वही प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभा रहा है।
कृषि के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश आगे है। देश की 11 प्रतिशत कृषि भूमि होने के बावजूद यहां लगभग 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन होता है। इससे फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड स्टोरेज, पैकेजिंग और एग्री लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में निवेश की अच्छी संभावनाएं बनती हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर और युवा शक्ति
किसी भी निवेश के लिए बुनियादी ढांचा महत्वपूर्ण होता है। इस पर बात करते हुए CM Yogi ने एक्सप्रेसवे नेटवर्क, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और रेलवे कनेक्टिविटी का जिक्र किया। उत्तर प्रदेश में कई नए एक्सप्रेसवे तैयार हो चुके हैं और इनके किनारे औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य की 56 प्रतिशत आबादी युवा है। इसका मतलब है कि उद्योगों को पर्याप्त मानव संसाधन मिल सकता है। सरकार स्किल डेवलपमेंट पर भी जोर दे रही है ताकि उद्योगों को प्रशिक्षित कार्यबल मिल सके।
जल संसाधनों की उपलब्धता का भी उल्लेख किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य में मीठे पानी के पर्याप्त स्रोत हैं, जिनका उपयोग कृषि के साथ-साथ ग्रीन हाइड्रोजन जैसे नए क्षेत्रों में किया जा सकता है।
जापान इंडस्ट्रियल सिटी की योजना
टोक्यो में आयोजित कार्यक्रम के दौरान CM Yogi ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास प्रस्तावित जापान इंडस्ट्रियल सिटी की जानकारी दी। यह परियोजना खास तौर पर जापानी कंपनियों के लिए तैयार की जा रही है।
करीब 500 एकड़ भूमि इस परियोजना के लिए चिन्हित की गई है। इसका उद्देश्य यह है कि जापानी उद्योग एक ही स्थान पर क्लस्टर के रूप में काम कर सकें। यहां बेहतर कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और निर्यात सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से इस क्षेत्र की औद्योगिक क्षमता और बढ़ेगी। हवाई संपर्क के साथ-साथ सड़क और रेल नेटवर्क भी यहां मजबूत है।
मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग से सेमीकंडक्टर तक
आज उत्तर प्रदेश मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र बन चुका है। कार्यक्रम में बताया गया कि भारत के कुल मोबाइल निर्माण का 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट उत्पादन का लगभग 60 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में हो रहा है।
हाल ही में नोएडा क्षेत्र में सेमीकंडक्टर यूनिट की आधारशिला रखी गई है। इसके अलावा डेटा सेंटर, वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में भी निवेश की संभावनाएं हैं।
CM Yogi ने यह भी कहा कि प्रदेश के पास लगभग 75,000 एकड़ का लैंड बैंक उपलब्ध है। बुंदेलखंड क्षेत्र में एक नए औद्योगिक शहर के विकास की योजना है, जिससे क्षेत्रीय संतुलित विकास को बढ़ावा मिलेगा।
एमएसएमई और रोजगार के अवसर
उत्तर प्रदेश में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं। इनसे करीब तीन करोड़ लोगों को रोजगार मिला है। 2023 के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में राज्य को बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव मिले।
सरकार ने नई इकाइयों को शुरुआती दिनों में कई तरह की एनओसी से छूट देने का प्रावधान किया है, ताकि उद्योग शुरू करने में देरी न हो। सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने की कोशिश की गई है।
CM Yogi ने अपने संबोधन में यह भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश में निवेश सुरक्षित है और सरकार हर स्तर पर सहयोग देने के लिए तैयार है।
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पर्यटन और सर्विस सेक्टर
निवेश के अवसर केवल उद्योग तक सीमित नहीं हैं। पर्यटन और सर्विस सेक्टर में भी संभावनाएं बढ़ी हैं। पिछले वर्ष प्रदेश में बड़ी संख्या में पर्यटक आए। इससे होटल, रेस्टोरेंट और हेरिटेज प्रोजेक्ट्स में निवेश की गुंजाइश बढ़ी है।
इलेक्ट्रिक व्हीकल मोबिलिटी, फिनटेक, मेडटेक और डीप टेक जैसे नए क्षेत्रों में भी सरकार नीति समर्थन दे रही है।
टोक्यो में आयोजित निवेश रोड शो ने यह संकेत दिया कि उत्तर प्रदेश अब वैश्विक निवेशकों के साथ सीधे संवाद की दिशा में आगे बढ़ रहा है। CM Yogi का यह दौरा केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं था, बल्कि निवेश, सहयोग और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करने का प्रयास था।
अगर योजनाएं जमीन पर उसी रफ्तार से आगे बढ़ती रहीं, तो आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश औद्योगिक और आर्थिक विकास के नए चरण में प्रवेश कर सकता है। निवेशकों के लिए संदेश साफ है—राज्य तैयार है, अब कदम बढ़ाने की बारी उद्योग जगत की है।