PM Modi इजरायल दौरा: रिश्तों में नई मजबूती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दो दिवसीय यात्रा पर इजरायल रवाना हो रहे हैं। यह दौरा इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के आमंत्रण पर हो रहा है। PM Modi का यह दूसरा इजरायल दौरा है। इससे पहले वे साल 2017 में इजरायल गए थे और ऐसा करने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री बने थे। इस बार की यात्रा को लेकर इजरायल में खास उत्साह देखा जा रहा है।
इजरायल की संसद ‘नेसेट’ को भारतीय तिरंगे की रोशनी से सजाया गया है। वहां के संसद अध्यक्ष अमीर ओहाना ने सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा करते हुए PM Modi के सम्मान में यह कदम उठाए जाने की जानकारी दी। इससे साफ है कि यह यात्रा दोनों देशों के लिए कितनी अहम मानी जा रही है।
In tribute to Prime Minister @narendramodi, the Knesset is illuminated tonight in the colors of the Indian flag 🇮🇳 pic.twitter.com/YxWswwOX69
— Amir Ohana – אמיר אוחנה (@AmirOhana) February 24, 2026
इजरायल में गर्मजोशी भरा स्वागत
PM Modi के दौरे को लेकर इजरायल के राजनीतिक और मीडिया हलकों में चर्चा तेज है। प्रमुख अखबार ‘द जेरूसलम पोस्ट’ ने अपने फ्रंट पेज पर हिंदी और हिब्रू में ‘नमस्ते’ लिखकर इस यात्रा को प्रमुखता दी है। अखबार ने लिखा कि दो प्राचीन देश एक नए अध्याय की शुरुआत करने जा रहे हैं।
यह प्रतीकात्मक कदम सिर्फ औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह बताता है कि भारत-इजरायल संबंधों को अब एक नए स्तर पर देखा जा रहा है। PM Modi की यात्रा को वहां के विश्लेषक रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मान रहे हैं।

रणनीतिक साझेदारी पर फोकस
इस यात्रा के दौरान PM Modi अपने समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। साथ ही वे इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हरजोग से भी मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में साइंस एंड टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, डिफेंस एंड सिक्योरिटी, एग्रीकल्चर, वाटर मैनेजमेंट और ट्रेड जैसे कई क्षेत्रों पर चर्चा होगी।
सूत्रों के मुताबिक, दोनों देश अपने रिश्तों को ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर पर ले जाने की तैयारी में हैं। इसका मतलब है कि रक्षा और सुरक्षा के मामलों में सहयोग और मजबूत होगा। PM Modi और नेतन्याहू पिछले कुछ वर्षों में कई बार मुलाकात कर चुके हैं और आपसी भरोसे को बढ़ाया है।
रक्षा और सुरक्षा सहयोग में बढ़ोतरी
भारत और इजरायल लंबे समय से रक्षा क्षेत्र में सहयोगी रहे हैं। नई समझ के तहत उन्नत रक्षा प्रणालियों के संयुक्त विकास पर भी जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही संकट के समय एक-दूसरे के साथ खड़े रहने की आपसी समझ को औपचारिक रूप दिया जा सकता है।
PM Modi के इस इजरायल दौरे को इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। यह कदम दोनों देशों के बीच भरोसे को संस्थागत रूप देने की दिशा में अहम माना जा रहा है। पिछले वर्षों में कई वैश्विक परिस्थितियों में दोनों देशों ने एक-दूसरे का समर्थन किया है।

संसद को संबोधित करेंगे PM Modi
यात्रा के दौरान PM Modi इजरायली संसद को भी संबोधित करेंगे। यह अपने आप में एक महत्वपूर्ण क्षण होगा। इससे पहले 2017 में भी उन्होंने इजरायल में कई कार्यक्रमों में भाग लिया था, लेकिन इस बार का संबोधन नई साझेदारी की दिशा तय कर सकता है। इस दौरे से साफ संकेत है कि भारत-इजरायल संबंध सिर्फ औपचारिक कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे बहुआयामी सहयोग की ओर बढ़ रहे हैं।
कुल मिलाकर, PM Modi का यह इजरायल दौरा दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है। रणनीतिक, रक्षा और तकनीकी सहयोग को लेकर जो चर्चा होने जा रही है, वह आने वाले समय में दोनों देशों की साझेदारी को और मजबूत कर सकती है। भारत और इजरायल के बीच भरोसे और सहयोग की यह कड़ी आने वाले वर्षों में और गहरी होती दिख सकती है।