नई दिल्ली: प्रधानमंत्री कार्यालय के नए परिसर ‘सेवा तीर्थ’ में आयोजित पहली कैबिनेट बैठक में आज कई ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक के बाद प्रेस ब्रीफिंग में जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने केरल राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी है। लंबे समय से केरल विधानसभा द्वारा राज्य के नाम में इस भाषाई संशोधन की मांग की जा रही थी, जिसे अब केंद्र ने स्वीकार कर लिया है।
यह बैठक सुबह 11 बजे शुरू हुई और इसकी खास बात यह रही कि यह नए पीएम कार्यालय सेवा तीर्थ में आयोजित होने वाली पहली कैबिनेट बैठक थी। इससे पहले 13 फरवरी को हुई बैठक साउथ ब्लॉक स्थित पुराने कार्यालय में संपन्न हुई थी। नाम परिवर्तन के साथ-साथ सरकार ने देश के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को नई मजबूती देने के लिए खजाना खोल दिया है।
रेलवे और कनेक्टिविटी के लिए 12,236 करोड़ रुपये का बड़ा आवंटन
बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने और रेल कनेक्टिविटी को गति देने के उद्देश्य से केंद्रीय कैबिनेट ने कुल 12,236 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास प्रोजेक्ट्स को अपनी स्वीकृति प्रदान की है। इस निवेश का एक बड़ा हिस्सा देश के महत्वपूर्ण रेल मार्गों के विस्तार और दोहरीकरण पर खर्च किया जाएगा।
रेलवे नेटवर्क के विस्तार में सबसे बड़ी हिस्सेदारी गोंदिया-जबलपुर रेल लाइन को मिली है। इस लाइन के दोहरीकरण (Doubling) के लिए कैबिनेट ने 5,236 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि आवंटित की है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच रेल यातायात सुगम होगा और माल ढुलाई की क्षमता में भी भारी इजाफा होगा। इसके अलावा, पुनरख-किऊल रेल खंड पर तीसरी और चौथी लाइन के निर्माण के लिए 2,668 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। वहीं, गम्हरिया-चांडिल खंड के विस्तार के लिए 1,168 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
श्रीनगर को नया एयरपोर्ट टर्मिनल और अहमदाबाद मेट्रो का विस्तार
विमानन क्षेत्र और शहरी परिवहन को आधुनिक बनाने की दिशा में भी कैबिनेट ने दो बड़े फैसले लिए हैं। श्रीनगर में बढ़ते पर्यटन और यात्रियों की संख्या को देखते हुए 1,667 करोड़ रुपये की लागत से एक नए ‘इंटीग्रेटेड एयरपोर्ट टर्मिनल’ के निर्माण को मंजूरी दी गई है। यह नया टर्मिनल विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होगा और जम्मू-कश्मीर में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा। शहरी यातायात की बात करें तो गुजरात के अहमदाबाद शहर के लिए भी बड़ी घोषणा की गई है। अहमदाबाद मेट्रो के फेज 28 (Phase 28) के विस्तार के लिए 1,067 करोड़ रुपये की राशि को हरी झंडी दिखाई गई है। इससे शहर के नए इलाकों तक मेट्रो की पहुंच आसान होगी और सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
पावर सेक्टर में सुधार और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी
वित्तीय निवेश के अलावा कैबिनेट ने कृषि और ऊर्जा क्षेत्र के लिए भी नीतिगत फैसले लिए हैं। ऊर्जा क्षेत्र की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने और तकनीकी नुकसान को कम करने के लिए नए ‘पावर सेक्टर रिफॉर्म्स’ को मंजूरी दी गई है। इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को सस्ती और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना है। कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए मोदी सरकार ने कच्चे जूट (Raw Jute) उत्पादकों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) निर्धारित किया है। इसके लिए सरकार ने 430 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान किया है, जिससे सीधे तौर पर जूट की खेती करने वाले लाखों किसानों को उनकी फसल का सही दाम मिल सकेगा और उन्हें बाजार के उतार-चढ़ाव से सुरक्षा प्राप्त होगी।
केरल से ‘केरलम’ तक का सफर
राज्य का नाम बदलने का फैसला केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक पहचान से भी जुड़ा है। केरल सरकार ने पूर्व में विधानसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर केंद्र से आग्रह किया था कि संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी भाषाओं में राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ किया जाए। ‘केरलम’ शब्द राज्य की मातृभाषा मलयालम में इस्तेमाल होता है। केंद्र की इस मंजूरी के बाद अब संवैधानिक प्रक्रियाओं के तहत नाम बदलने की अंतिम औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।