लखनऊ से सिंगापुर तक इस समय सिर्फ एक ही नाम की चर्चा है और वो है— योगी आदित्यनाथ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सोमवार (23 फरवरी) को अपनी पहली आधिकारिक विदेश यात्रा के पहले पड़ाव पर जैसे ही सिंगापुर पहुंचे, वहां का नजारा देखने लायक था। होटल के बाहर खड़े भारतीय समुदाय के लोगों ने ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारों से आसमान गुंजा दिया।
योगी जी अकेले नहीं गए हैं, उनके साथ 11 काबिल अफसरों और मंत्रियों का एक पूरा प्रतिनिधिमंडल है। इस दौरे का असली मकसद है उत्तर प्रदेश को दुनिया के नक्शे पर इन्वेस्टमेंट हब बनाना। योगी जी चाहते हैं कि विदेशी कंपनियां यूपी आएं और यहां के युवाओं को रोजगार के नए मौके मिलें।
टेमासेक के बोर्डरूम में ‘भगवा’ की दहाड़
सिंगापुर पहुँचते ही योगी जी एक्शन मोड में आ गए। उन्होंने दुनिया की दिग्गज निवेश कंपनी टेमासेक (Temasek) के चेयरमैन टीओ ची हेन से मुलाकात की। बंद कमरे में हुई इस बातचीत का मुद्दा था— यूपी में डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स हब और रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) में निवेश।
योगी आदित्यनाथ ने खुद ‘X’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि मीटिंग बहुत ही शानदार रही। उन्होंने विदेशी निवेशकों को भरोसा दिलाया कि यूपी में अब काम बहुत तेजी से होता है और यहां की नीतियां व्यापारियों के लिए एकदम आसान हैं।
Had a constructive exchange of views with H.E. Mr. Lawrence Wong, Hon. Prime Minister of Singapore, today.
Discussed strengthening Uttar Pradesh-Singapore relations under the Comprehensive Strategic Partnership, with focus on investment, infrastructure collaboration, skill… pic.twitter.com/VFGzm8pbyy
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) February 23, 2026
कपड़ों पर चर्चा: दुनिया ने माना ‘बाबा’ का लोहा
अक्सर देखा जाता है कि जब कोई नेता विदेश जाता है, तो वो कोट-पेंट या फॉर्मल सूट पहन लेता है। लेकिन योगी जी की सबसे बड़ी खासियत ये रही कि वो वहां भी अपने उसी पारंपरिक भगवा कपड़ों में नजर आए। सूट-बूट पहने विदेशी अधिकारियों के बीच भगवाधारी योगी का आत्मविश्वास देख सोशल मीडिया पर लोग गदगद हो गए।
एक यूजर ने लिखा, “योगी जी को इस अंदाज में देखकर दिल खुश हो गया, एक भगवाधारी बिजनेसमैन!” वहीं दूसरे ने लिखा, “विदेश में भी बाबा जी का वही रंग और वही अंदाज! न चोला बदला, न इरादा।” इंटरनेट पर लोग इस बात की जमकर तारीफ कर रहे हैं कि योगी जी ने अपनी संस्कृति और पहचान से बिना कोई समझौता किए ग्लोबल मंच पर अपनी धाक जमा।
