बदायूं: उत्तर प्रदेश के बदायूं में सिंचाई विभाग के ‘ड्राइंग स्टाफ’ ने अपनी वर्षों से लंबित मांगों को लेकर हुंकार भरी है। सिंचाई विभाग ड्राइंग स्टाफ एसोसिएशन (उत्तर प्रदेश) की जनपद शाखा ने एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर शासन और प्रशासन के खिलाफ गहरा असंतोष व्यक्त किया। कर्मचारियों ने साफ कहा है कि अगर उनकी 7 सूत्रीय मांगों पर जल्द विचार नहीं हुआ, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
बैठक में गूंजा पदोन्नति और वेतन का मुद्दा
नलकूप खंड प्रथम के ड्राइंग अनुभाग में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अनिल कुमार मिश्रा ने की। बैठक में मुख्य रूप से संगणक (Computors) और प्रारूपकार (Draftsmen) संवर्ग की समस्याओं पर चर्चा हुई। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि विभागीय स्तर पर कई बार गुहार लगाने के बाद भी उनकी पदोन्नति और वेतन विसंगति की फाइलें धूल फांक रही हैं।
7 सूत्रीय मांग पत्र: क्या हैं मुख्य मांगें?
एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से एक 7 सूत्रीय मांग पत्र तैयार किया है, जिसमें निम्नलिखित प्रमुख बिंदु शामिल हैं:
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सहायक अभियंता (AE) पद पर प्रमोशन: संगणक से सहायक अभियंता (सिविल) के पद पर लंबित पदोन्नतियों के लिए सेवा नियमावली 2007 में तत्काल संशोधन।
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ACP और ग्रेड पे: अवर अभियंता (JE) की तरह ड्राइंग संवर्ग को भी 4600 रुपये ग्रेड पे को इग्नोर करते हुए बेहतर वेतनमान का लाभ।
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वेतन विसंगति: 1 जनवरी 1986 से चली आ रही पुरानी वेतन विसंगतियों को दूर कर समतुल्य वेतनमान देना।
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सीधा कोटा: अवर अभियंता (सिविल/यांत्रिक) के पदों पर ड्राइंग स्टाफ के लिए एक पृथक कोटा निर्धारित करना।
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पदों का पुनर्गठन: सिंचाई विभाग रेखांकन अधिष्ठान सेवा नियमावली-1985 में बदलाव कर पदों का पुनर्गठन।
11 फरवरी को DM के जरिए CM तक पहुंचेगी आवाज
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि प्रांतीय कार्यक्रम के अनुसार 11 फरवरी 2026 को जिलाधिकारी (DM) बदायूं के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष इंजीनियर रवि कुमार, जिला मंत्री सरोज यादव और एसोसिएशन के सचिव मोहम्मद जहीर सहित भारी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहेंगे। कर्मचारियों ने एकजुट होकर संदेश दिया है कि अब वे अपने हक की लड़ाई को अंतिम मुकाम तक ले जाएंगे।