13 दिन में चांदी 1.27 लाख रूपए सस्ती हुई, सोना 20,008 रूपए गिरा; जानें ताजा भाव और खरीदारी से पहले जरूरी बातें

चांदी

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सोने और चांदी की कीमतों में दो दिन की लगातार तेजी के बाद 11 फरवरी को गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, चांदी की कीमत में ₹1,000 की गिरावट आई है और यह ₹2.58 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई है। इससे पहले मंगलवार को चांदी ₹2.59 लाख प्रति किलो पर थी।

चांदी अपने ऑल टाइम हाई से अब तक ₹1.27 लाख सस्ती हो चुकी है। 29 जनवरी को चांदी ने ₹3.86 लाख प्रति किलो का रिकॉर्ड स्तर छुआ था। पिछले 13 दिनों में आई इस बड़ी गिरावट ने निवेशकों और खरीदारों दोनों का ध्यान आकर्षित किया है।

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सोने की कीमत में भी गिरावट

वहीं, 24 कैरेट सोने की कीमत में भी गिरावट दर्ज की गई है। 10 ग्राम सोना ₹142 सस्ता होकर ₹1.56 लाख पर आ गया है। इससे पहले 10 फरवरी को भी इसकी कीमत ₹1.56 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास थी। सोना भी अपने ऑल टाइम हाई से लगभग ₹20,008 सस्ता हो चुका है। 29 जनवरी को सोना ₹1.76 लाख प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंचा था।

सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

सोना खरीदना एक बड़ा निवेश निर्णय होता है। ऐसे में कुछ जरूरी सावधानियां बरतना बेहद महत्वपूर्ण है:

1. केवल Hallmark गोल्ड ही खरीदें

हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सोना ही खरीदें। हॉलमार्क एक अल्फान्यूमेरिक कोड के रूप में होता है, जैसे AZ4524। इससे यह सुनिश्चित होता है कि सोना निर्धारित शुद्धता (24 कैरेट, 22 कैरेट आदि) का है।

2. कीमत को cross check जरूर करें

सोने की खरीदारी से पहले उस दिन का ताजा भाव IBJA या अन्य विश्वसनीय स्रोतों से जांच लें। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के रेट अलग-अलग होते हैं, इसलिए शुद्धता के अनुसार कीमत की तुलना करें।

अलग-अलग शहरों में रेट अलग क्यों?

IBJA द्वारा जारी किए गए रेट में 3% जीएसटी, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स का मार्जिन शामिल नहीं होता। यही कारण है कि अलग-अलग शहरों में सोने-चांदी के खुदरा रेट अलग दिखाई देते हैं। IBJA के रेट का उपयोग RBI सोवरेन गोल्ड बॉन्ड की कीमत तय करने में करता है। कई बैंक गोल्ड लोन के मूल्यांकन के लिए भी इन्हीं मानकों को आधार बनाते हैं।

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

लगातार उतार-चढ़ाव के बीच बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। ऐसे में लंबी अवधि के निवेशक गिरावट को खरीदारी के अवसर के रूप में देख सकते हैं, जबकि अल्पकालिक निवेशकों को बाजार की दिशा पर नजर बनाए रखनी चाहिए। सोना और चांदी दोनों ही पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश माने जाते हैं, लेकिन सही समय और सही जानकारी के साथ किया गया निवेश ही बेहतर रिटर्न दे सकता है।

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