लोकसभा स्पीकर Om Birla ने अपने खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर अहम और असामान्य निर्णय लिया है। उन्होंने घोषणा की है कि जब तक इस प्रस्ताव पर चर्चा और अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक वे लोकसभा की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेंगे और स्पीकर की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे।
न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, यह कदम उन्होंने पूरी तरह नैतिक आधार पर उठाया है, ताकि सदन की निष्पक्षता पर कोई सवाल न उठे और प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी हो सके। संसदीय नियमों में ऐसा करने की अनिवार्यता नहीं है, फिर भी उन्होंने सरकार और विपक्ष दोनों की ओर से मनाने की कोशिशों को दरकिनार करते हुए अपना रुख स्पष्ट रखा।
फैसला कब से प्रभावी होगा?
संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से आरंभ होने जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा भी उसी दिन शुरू हो सकती है। इसी अवधि से स्पीकर सदन से दूरी बनाए रखेंगे और अध्यक्षता नहीं करेंगे। लोकसभा सचिवालय के सूत्रों ने इसे “नैतिक पहल” बताया है। उनका कहना है कि इस कदम से यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी पक्ष यह आरोप न लगाए कि स्पीकर स्वयं प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं।
आगे की संभावित प्रक्रिया
नोटिस की समीक्षा:
लोकसभा सचिवालय प्रस्ताव के नोटिस की जांच कर रहा है। स्पीकर ने महासचिव उत्पल कुमार सिंह को नियमों के तहत आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
बहस की शुरुआत:
9 मार्च को सदन में प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हो सकती है। इसके लिए कम से कम 50 सांसदों को खड़े होकर समर्थन देना होगा, तभी औपचारिक बहस प्रारंभ होगी।
अध्यक्षता कौन करेगा?
स्पीकर की अनुपस्थिति में डिप्टी स्पीकर या किसी अन्य सदस्य को कार्यवाही की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
मतदान और परिणाम:
चर्चा पूरी होने के बाद वोटिंग होगी। प्रस्ताव को पारित कराने के लिए लोकसभा की कुल सदस्य संख्या का साधारण बहुमत, यानी लगभग 272 मतों की आवश्यकता होगी। चूंकि NDA के पास बहुमत है, इसलिए प्रस्ताव के पारित होने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। यदि प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो स्पीकर को पद त्यागना पड़ेगा।
यह घटनाक्रम संसद के भीतर और बाहर व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। विपक्ष इसे अपनी रणनीतिक सफलता बता रहा है, जबकि ओम बिरला का यह निर्णय संसदीय इतिहास में एक अनोखे उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में संसद की कार्यवाही पर इसका प्रभाव स्पष्ट रूप से नजर आ सकता है।