उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहे पर स्थित उत्तराखंड शहीद स्मारक में पहुंचकर राज्य आंदोलन के शहीदों को उनकी 31वीं बरसी पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार, पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री संजीव बालियान और भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं द्वारा शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने से हुई। मंच से जनता को संबोधित करते हुए सीएम धामी ने कहा कि 2 अक्टूबर का दिन उत्तराखंड के इतिहास में शहीदों के बलिदान को याद रखने के लिए अमर रहेगा। उन्होंने बताया कि मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहे पर राज्य की प्राप्ति के लिए संघर्ष कर रहे आंदोलनकारियों और महिलाओं के साथ उस समय अत्यंत अमानवीय व्यवहार किया गया था।

सीएम ने आगे कहा, “हम आज इस संकल्प के साथ खड़े हैं कि उत्तराखंड के आंदोलनकारी और हमारे बलिदानी हमेशा स्मरण में रहेंगे। उनके सपनों और सोच को आगे बढ़ाकर हम राज्य का विकास करेंगे।” उन्होंने पंडित महावीर शर्मा की स्मृति में उनकी मूर्ति का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर पुष्कर सिंह धामी ने लैंड जिहाद के खिलाफ चलाए गए अभियान का भी उल्लेख किया और बताया कि राज्य में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे थे, जिन्हें धार्मिक संरचनाओं में बदल दिया गया था। अब तक 9000 एकड़ से अधिक जमीन को इस अभियान के तहत मुक्त कराया गया है।

सीएम ने न्यायालय की टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा कि यह कार्रवाई जलियांवाला बाग की तुलना में भी गंभीर और आवश्यक थी। पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री संजीव बालियान के प्रयासों के चलते उन दोषियों के खिलाफ भी कार्रवाई सुनिश्चित की गई, जिन्होंने उत्तराखंड आंदोलन के दौरान अन्यायपूर्ण कृत्य किए थे। पुष्कर सिंह धामी ने अंत में कहा कि यह स्थल और शहीदों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा रहेगा और राज्य के विकास में हमेशा मार्गदर्शन करेगा।