बरेली शहर के 80 वार्डो से प्रतिदिन निकलने वाले 450 टन से अधिक कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए फरीदपुर के समीप 24 करोड़ से भी अधिक धनराशि से सथरापुर में “सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट” का स्थल विकसित किया गया है । बरेली नगर निगम के अधिशासी अभियंता एवं प्रभारी नगर आयुक्त राजीव कुमार राठी ने हमारे प्रतिनिधि को बताया कि कचरा प्रसंस्करण के लिए दिल्ली की एक एजेंसी पीपुल्स एसोसिएशन फॉर टोटल हेल्थ यूथ एपलूज (पाथ्या) को टेंडर दिया गया है। नगर निगम की ओर से प्रति टन कचरा निस्तारण पर 446 के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। प्लान्ट में कचरे से सीएनजी बायोगैस और ऑर्गेनिक खाद का उत्पादन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पूरा प्लांट ऑटोमेटिक होगा।

ऑनलाइन माध्यम से आठ कंपनियों के प्रेजेंटेशन के बाद पाथ्या का चयन किया गया। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार एजेंसी का चयन उसकी प्रोफाइल, टर्नओवर और कूड़ा निस्तारण के क्षेत्र में लंबे अनुभव को देखते हुए किया गया है। कंपनी को इस क्षेत्र में दस साल से अधिक का अनुभव है।

नगर निगम के 80 वार्डों से प्रतिदिन लगभग 500 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। फिलहाल बाकरगंज में एक छोटा प्लांट संचालित है, जिसकी क्षमता कम होने के कारण बड़ी मात्रा में कचरा जमा हो रहा है।
जानकारी के अनुसार निगम की ओर से कंपनी को प्रति टन कचरा निस्तारण के लिए 446 रुपये का भुगतान किया जाएगा। नया प्लांट शुरू होने के बाद बाकरगंज क्षेत्र के लोगों को कचरे के ढेर से राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
