संभल की चंदौसी में प्रदेश सरकार की माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी ने बोर्ड परीक्षाओं को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू हो रही हैं और सरकार की तैयारियां पूरी हैं। इस बार नकल को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई नकल कराते हुए पकड़ा गया तो उसके खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई की जाएगी, एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और जेल भेजा जाएगा। परीक्षा व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने के लिए कक्ष निरीक्षकों के आई-कार्ड पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं, जिससे उनकी पहचान और जिम्मेदारी तय होगी। सरकार का लक्ष्य परीक्षाएं पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलमुक्त कराना है।

गुलाब देवी ने आगामी यूपी बोर्ड परीक्षाओं को पूरी तरह नकलमुक्त कराने का संकल्प दोहराया है। उन्होंने साफ कहा कि नकल करने या करवाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। यदि कोई व्यक्ति या संगठित गिरोह नकल में संलिप्त पाया गया, तो प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स एक्ट, 2024 के तहत आजीवन कारावास और एक करोड़ रुपये तक के भारी जुर्माने का प्रावधान लागू किया जा सकता है। मंत्री ने बताया कि पिछली बार की तरह इस बार भी निगरानी और सख्ती और बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि नकल माफिया को किसी तरह की राहत नहीं मिलेगी। कानून में स्पष्ट दंड का प्रावधान है और सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र-छात्राएं निष्पक्ष वातावरण में परीक्षा दें, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ‘परीक्षा पर चर्चा’ कार्यक्रम के आठवें संस्करण का आयोजन किया, जिसमें उन्होंने देशभर से आए छात्र-छात्राओं से संवाद किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए परीक्षा के समय होने वाले तनाव से निपटने के उपयोगी सुझाव दिए।
जनपद संभल के चंदौसी कोतवाली क्षेत्र स्थित बीएमजी इंटर कॉलेज में भी इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा गया। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार की माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी विशेष रूप से उपस्थित रहीं और उन्होंने विद्यार्थियों के साथ मिलकर टीवी पर ‘परीक्षा पर चर्चा’ देखा।
छात्रों को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री गुलाब देवी ने प्रधानमंत्री के संदेश को दोहराया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी बिना किसी तनाव के करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने छात्रों को रोजाना कम से कम 12 घंटे अध्ययन करने और समय का सही उपयोग करने की सलाह दी। मंत्री ने यह भी बताया कि इस बार परीक्षाओं के लिए बेहतर इंतजाम किए गए हैं, जिससे परीक्षा प्रक्रिया कम समय में पूरी होगी और परिणाम भी शीघ्र घोषित किए जाएंगे।
नकलमुक्त परीक्षा के लिए अपील
आगामी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाएं फरवरी–मार्च में प्रस्तावित हैं। मंत्री ने अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि नकलमुक्त परीक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस और प्रशासन को परीक्षा केंद्रों पर चौकसी बढ़ाने और किसी भी अनुचित गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। यह रुख प्रदेश में नकल के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को और मजबूती देता है, जो हाल के वर्षों में प्रभावी साबित हुई है।
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