करीब एक साल बाद हिंसा प्रभावित Manipur में राष्ट्रपति शासन हटा लिया गया है, जिससे राज्य में नई निर्वाचित सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को अधिसूचना जारी कर तत्काल प्रभाव से राष्ट्रपति शासन समाप्त करने की घोषणा की। यह फैसला नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण से कुछ ही घंटे पहले लिया गया।
भारतीय जनता पार्टी ने पुष्टि की है कि एनडीए विधायक दल के नेता वाई. खेमचंद सिंह बुधवार शाम छह बजे मणिपुर के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह इंफाल स्थित लोक भवन में आयोजित किया जाएगा, जहां सुबह से ही तैयारियां शुरू हो गई थीं। बीजेपी मणिपुर ने सोशल मीडिया मंच ‘X’ पर पोस्ट कर कार्यक्रम की जानकारी साझा की।
पार्टी की ओर से जारी संदेश में कहा गया है कि वाई. खेमचंद सिंह के अनुभव और दूरदर्शी नेतृत्व में मणिपुर शांति, विकास और सुशासन के मार्ग पर आगे बढ़ेगा। पार्टी ने उम्मीद जताई कि राज्य में स्थिरता और प्रगति का एक नया दौर शुरू होगा। मुख्यमंत्री पद की दावेदारी पेश करने के कुछ ही मिनटों बाद उनके नाम का औपचारिक ऐलान कर दिया गया।
The swearing-in ceremony of Shri @YKhemchandSingh as the Hon’ble Chief Minister of Manipur will take place today, 4th February 2026, at 6:00 PM at Lok Bhavan.
Under his experienced and visionary leadership, Manipur is set to move forward on the path of peace, development, and… pic.twitter.com/bE3DMwC2jT
— BJP Manipur (@BJP4Manipur) February 4, 2026
सरकार गठन का दावा पेश
वाई. खेमचंद सिंह के नेतृत्व में एनडीए का एक प्रतिनिधिमंडल लोक भवन पहुंचा, जहां उन्होंने राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात कर सरकार गठन का औपचारिक दावा पेश किया। इस प्रतिनिधिमंडल में चुराचांदपुर और फेरजावल जैसे कुकी-जो बहुल जिलों के दो विधायक भी शामिल थे, जिसे मौजूदा राजनीतिक हालात के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
विधायक दल के नेता चुने गए खेमचंद सिंह
62 वर्षीय वाई. खेमचंद सिंह को मंगलवार को नई दिल्ली में हुई बैठक में पहले बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया था। इसके बाद उन्हें एनडीए विधायक दल का भी नेता घोषित किया गया। इससे पहले वरिष्ठ बीजेपी विधायक थोंगम बिस्वजीत सिंह ने जानकारी दी थी कि मुख्यमंत्री समेत कुल पांच विधायक मंत्रिपद की शपथ लेंगे।
गौरतलब है कि मणिपुर में फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू था। तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने मई 2023 में शुरू हुई मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा को संभालने में विफल रहने के आरोपों के बीच इस्तीफा दे दिया था। इस हिंसा के दौरान कई जिलों में बड़े पैमाने पर जानमाल का नुकसान हुआ और हजारों लोग अपने घरों से विस्थापित हुए।
राष्ट्रपति शासन हटने और नई सरकार के गठन के साथ राज्य में शांति, स्थिरता और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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