स्टार्टअप और नवाचार आधारित पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती देने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT), झलवा के इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन फाउंडेशन ने बुधवार को संस्थान परिसर में 14 स्टार्टअप कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस पहल का उद्देश्य नवाचार को प्रोत्साहन देना, उद्यमिता को सशक्त बनाना, अनुसंधान परिणामों के व्यवसायीकरण को गति देना तथा उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को और मजबूत करना है।
![]()
इस अवसर पर ट्रिपलआईटी के निदेशक प्रो. मुकुल शरद सुतावाने ने कहा कि इन नए समझौतों के माध्यम से स्टार्टअप्स को संस्थान की तकनीकी विशेषज्ञता, अत्याधुनिक अनुसंधान अवसंरचना, अनुभवी फैकल्टी मेंटरशिप और मेधावी छात्र प्रतिभा तक पहुंच प्राप्त होगी। वहीं, संस्थान को उद्योग की वास्तविक चुनौतियों से सीधे जुड़कर व्यावहारिक और समाधान-उन्मुख अनुसंधान को बढ़ावा देने का अवसर मिलेगा।
![]()
फाउंडेशन से जुड़े डीन प्रो. सतीश कुमार सिंह ने बताया कि ये एमओयू छात्र उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ लाइव इंडस्ट्री प्रोजेक्ट्स, इंटर्नशिप और स्टार्टअप संस्कृति से छात्रों के प्रत्यक्ष परिचय का मार्ग प्रशस्त करेंगे, जिससे व्यावहारिक शिक्षा को नई दिशा मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान डीन (मानव संसाधन) प्रो. अखिलेश कुमार तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया, जबकि प्रभारी प्रो. प्रमोद कुमार ने इन्क्यूबेशन सेंटर की कार्यप्रणाली और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी।
इस सहयोग में शामिल स्टार्टअप्स कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सुरक्षा, सॉफ्टवेयर विकास, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, हेल्थ-टेक, फिन-टेक, एड-टेक और स्मार्ट सॉल्यूशंस जैसे विविध क्षेत्रों में कार्यरत हैं। जिन कंपनियों के साथ एमओयू किए गए हैं, उनमें एनकोड सूत्रम, त्रिशूलोपल्शन टेक्नोलॉजी, सर्न प्रोस्थेटिक्स, वॉट टेक्नोलॉजीज़, पेपरक्लिप इनोवेटिव सॉल्यूशंस, इकोबोर्ड टेक, 3पी लैब्स, टेकॉरा लैब्स, क्योरलेक्स हेल्थटेक, नेक्साफ्यूज़न टेक्नोलॉजी, कॉग्नीईज़ टेक्नो लैब्स, स्टॉर्नुएज लैब्स, स्टोड्स एंटरप्राइजेज, नरेंद्रपुर एग्रो और लॉनट्रेक प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।
यह भी पढ़ें: UGC Act 2026: सुप्रीम कोर्ट की रोक, पुराने नियम बहाल