कानपुर नगर के नर्वल स्थित अत्याधुनिक रक्षा विनिर्माण इकाई Adani Defence & Aerospace, डिफेन्स इन्डस्ट्रीअल कॉरिडर का सांसद कानपुर रमेश अवस्थी ने निरीक्षण किया। गौरतलब है कि कानपुर स्थित यह प्रतिष्ठित प्रतिष्ठान दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा निजी गोला-बारूद एवं मिसाइल घटक निर्माण परिसर है, जो आत्मनिर्भर भारत के रक्षा विज़न को साकार कर रही है। अपने स्थलीय निरीक्षण के दौरान सांसद रमेश अवस्थी ने इकाई के सन्दर्भ में अधिकारियों से सभी आवश्यक जानकारी ली। पत्रकारों से बात करते हुए रमेश अवस्थी ने कहा कि कभी मेनचेस्टर ऑफ़ ईस्ट कहे जाने वाले कानपुर के लिए बड़ी गर्व की बात है कानपुर भविष्य में डिफेन्स का बड़ा हब कहलायेगा।
कानपुर के साढ़ स्थित डिफेंस कॉरिडोर में मंगलवार को सांसद रमेश अवस्थी ने अदानी डिफेंस परिसर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने AI तकनीक पर आधारित आधुनिक हथियारों और रक्षा उपकरणों का निरीक्षण किया और उनके निर्माण की प्रक्रिया को करीब से समझा। निरीक्षण के बाद सांसद शूटिंग रेंज पहुंचे, जहां उन्होंने कार्बाइन से लगातार पांच फायर कर हथियारों की क्षमता और संतुलन का अनुभव लिया।
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अदानी डिफेंस परिसर में हुआ स्वागत
डिफेंस कॉरिडोर पहुंचने पर सांसद रमेश अवस्थी का स्वागत अदानी डिफेंस के ज्वाइंट प्रेसिडेंट अशोक वाधवान ने बुके भेंट कर किया। इसके बाद सांसद को परिसर में प्रदर्शित AI आधारित हथियार प्रणालियों की जानकारी दी गई। अशोक वाधवान ने सांसद को विभिन्न प्रकार के आधुनिक आर्म्स और वेपंस की तकनीकी खूबियों और उपयोगिता के बारे में विस्तार से बताया।
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सर्जिकल स्ट्राइक में इस्तेमाल स्नाइपर गन भी देखी
निरीक्षण के दौरान सांसद ने उरी सर्जिकल स्ट्राइक में प्रयुक्त स्नाइपर गन को भी देखा। उन्होंने गन को हाथ में लेकर उसका वजन परखा और निशाना साधते हुए कहा कि हथियार काफी हल्का महसूस हो रहा है।
इस पर अशोक वाधवान ने बताया कि अदानी डिफेंस द्वारा विकसित AI तकनीक आधारित हथियार हल्के होने के साथ-साथ ज्यादा मजबूत भी होते हैं। उन्होंने बताया कि हल्के हथियारों से फायरिंग के दौरान बैक प्रेशर कम होता है, जिससे जवानों को ऑपरेशन में आसानी होती है और थकान भी कम होती है।
शूटिंग रेंज में कार्बाइन से 5 फायर
निरीक्षण के बाद सांसद शूटिंग रेंज पहुंचे, जहां उन्होंने कार्बाइन से एक के बाद एक पांच फायर किए। फायरिंग के बाद सांसद ने कहा कि शूटिंग का अनुभव काफी सहज और आसान रहा। उन्होंने बताया कि कार्बाइन हल्की और संतुलित लगी, जबकि पिस्टल अपेक्षाकृत थोड़ी भारी महसूस हुई। कुल मिलाकर हथियारों के साथ उनका अनुभव बेहद सकारात्मक रहा।
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