जनपद अलीगढ़ पुलिस ने आम नागरिकों की समस्याओं को शीघ्र और पारदर्शी तरीके से सुलझाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। जिले के सभी थानों में अब रिसीविंग सिस्टम लागू कर दिया गया है। इस व्यवस्था के तहत कोई भी व्यक्ति थाना जाकर शिकायती प्रार्थना पत्र देता है, तो उसे आसमानी रंग की रिसीविंग पर्ची प्राप्त होगी।
इस पर्ची पर शिकायत के निस्तारण की अधिकतम अवधि 7 दिन तय की गई है। इसका मतलब है कि अब किसी भी फरियादी को शिकायत के समाधान के लिए थाने के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह पहल न केवल लोगों का समय बचाएगी, बल्कि पुलिस की जवाबदेही भी तय करेगी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नीरज कुमार जादौन ने इस नई व्यवस्था को लागू करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य पुलिस कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाना है। उनका कहना है कि हर शिकायत पर समय पर कार्रवाई सुनिश्चित होगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही होती है तो जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
यदि निर्धारित समयसीमा में शिकायत का निस्तारण नहीं होता है, तो फरियादी को थाने के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं रहेगी। इसके बजाय वह सीधे एसएसपी कार्यालय पहुंचकर अपनी समस्या रख सकेगा। इसके लिए हर कार्य दिवस पर सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है।
इस पहल से आम जनता को कई तरह के लाभ मिलेंगे। सबसे पहले, लोगों का समय और ऊर्जा बचेगी क्योंकि उन्हें बार-बार थाने नहीं जाना पड़ेगा। दूसरा, लिखित पर्ची मिलने से यह सुनिश्चित होगा कि शिकायत को दबाया नहीं जा सकता। तीसरा, पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही स्पष्ट होगी क्योंकि उन्हें निर्धारित समय में ही समस्या का समाधान करना होगा। और चौथा, समाधान न होने पर फरियादी को सीधे एसएसपी से मिलने का अवसर मिलेगा।
अलीगढ़ में शुरू किया गया यह रिसीविंग सिस्टम भविष्य में अन्य जिलों के लिए भी एक आदर्श मॉडल बन सकता है। यदि यह व्यवस्था सफल रहती है, तो संभव है कि इसे पूरे उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में भी लागू किया जाए।
कुल मिलाकर, अलीगढ़ पुलिस की यह पहल जनता और पुलिस के बीच भरोसे को मजबूत करने वाला कदम है। रिसीविंग पर्ची मिलने से शिकायतकर्ता को न केवल पारदर्शिता का अनुभव होगा बल्कि यह भी सुनिश्चित होगा कि उसकी समस्या 7 दिन के भीतर सुनी जाएगी।







