मथुरा में साइबर अपराध का एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ठगों ने खुद को CBI और क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर एक महिला को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर लिया और उससे 2 करोड़ 4 लाख रुपये की ठगी कर डाली। इस संगठित साइबर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए एक महिला सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
एसपी क्राइम अवनीश मिश्र ने बताया कि गोविंद नगर क्षेत्र निवासी अरुण गिगरज ने 23 दिसंबर को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता के अनुसार, उन्हें एक अज्ञात विदेशी नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को CBI और क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके आधार कार्ड और सिम का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में किया गया है।
आरोपियों ने महिला को डराया कि यदि उन्होंने सहयोग नहीं किया तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद महिला को तथाकथित जांच के नाम पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर लिया गया। आरोपियों ने वीडियो कॉल और फर्जी नोटिस भेजकर महिला को मानसिक दबाव में रखा और कहा कि उनके बैंक खातों की जांच की जा रही है।

इसी दौरान जांच के नाम पर महिला से अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर कराए गए। इस तरह ठगों ने कुल 2 करोड़ 4 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया। जब महिला को संदेह हुआ, तब उन्होंने साइबर थाना मथुरा में शिकायत दर्ज कराई।
साइबर थाना प्रभारी रफत मजीत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले की जांच शुरू की। तकनीकी सर्विलांस और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंची। करीब एक महीने की मेहनत के बाद गुरुवार को रिफाइनरी क्षेत्र के बाद बरेली हाईवे से सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में रमेश उर्फ राम विश्नोई (निवासी फलोदी, राजस्थान), राहुल मगलानी, लक्ष्य अग्रवाल, पुनीत सोलंकी (तीनों निवासी आगरा) और एक महिला आरोपी शामिल हैं। सभी आरोपी 20 से 30 वर्ष की उम्र के हैं।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 9 मोबाइल फोन, 9 सिम कार्ड, 9 एटीएम कार्ड, 3 पैन कार्ड, 2 आधार कार्ड और 11 बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे अपने गिरोह के सरगना एम.डी. विश्नोई के निर्देश पर काम कर रहे थे।
आरोपी हांगकांग के मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर लोगों को कॉल करते थे, ताकि उन्हें शक न हो। पुलिस को जांच में यह भी पता चला कि इस गिरोह के खिलाफ देशभर में 12 से अधिक साइबर धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।

एसपी क्राइम ने बताया कि गिरोह में और भी लोग शामिल हैं। उनकी पहचान कर जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर डिजिटल गिरफ्तारी नहीं करती। ऐसे कॉल आने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क करें।
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