मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के गांव रार्धना अक्खेपुर में पांच जनवरी को युवक सोनू कश्यप की हत्या के बाद उसके परिवारजनों ने मेरठ कमिश्नरी का घेराव कर हंगामा किया। परिवार ने ज्ञापन सौंपा, जबकि पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया। मेरठ सर्किट हाउस में प्रदेश सरकार के स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप ने प्रेस वार्ता में कहा कि पुलिस और प्रशासन को निष्पक्ष और गंभीर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ की सरकार न्याय और कानून के आधार पर कार्य कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन की पाबंदी और धरना की अनुमति नहीं दिए जाने के बावजूद कश्यप समाज के लोग विभिन्न जनपदों से मेरठ पहुंचे और मामले की सीबीआई जांच की मांग की। इसके अलावा पीड़ित परिवार को 50 लाख की आर्थिक मदद, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और कृषि भूमि पट्टा दिए जाने की भी अपील की गई।
हत्याकांड को लेकर बढ़ा आक्रोश
मुजफ्फरनगर निवासी सोनू कश्यप की हत्या ने कश्यप समाज में आक्रोश का माहौल बना दिया है। 11 जनवरी को सोनू की मौसी से मिलने पहुंचे कश्यप समाज के लोगों को पुलिस ने रोका था, जिसके बाद धक्का-मुक्की हुई थी और पुलिस ने कश्यप समाज के लोगों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की थी। इसके बाद कश्यप समाज ने मेरठ कमिश्नरी पर धरना-प्रदर्शन करने का एलान किया था।
धरना-प्रदर्शन की शुरुआत
शुक्रवार को मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, गाजियाबाद, हापुड़, अलीगढ़, आगरा, बुलंदशहर, बिजनौर जैसे जनपदों से कश्यप समाज के लोग मेरठ पहुंचे। कमिश्नरी पर धरना प्रदर्शन साढ़े ग्यारह बजे से लेकर दो बजे तक चला। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम सिटी बृजेश कुमार सिंह और सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी को ज्ञापन सौंपा, जिसके बाद प्रदर्शन खत्म हुआ। धरने में कश्यप समाज के कई प्रमुख सदस्य और संगठनों के लोग शामिल हुए, जिसमें सचिन कश्यप, प्रदीप कश्यप, देवेंद्र कश्यप, ओमपाल कश्यप, अंकित कश्यप और कई अन्य लोग शामिल थे।
सोनू की बहन की अपील
धरना-प्रदर्शन के दौरान मृतक सोनू कश्यप की बहन आरती ने भी अपनी आवाज उठाई। उसने हाथ जोड़कर न्याय की गुहार लगाई और कहा कि पुलिस अब तक अन्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। उसने यह भी कहा कि एक नाबालिग अकेला उसके भाई की हत्या नहीं कर सकता और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की। आरती ने यह भी चेतावनी दी कि अगर उसे इंसाफ नहीं मिला तो वह अपनी जान दे देगी।
पुलिस ने किया विरोध प्रदर्शन को नियंत्रित
धरना खत्म होने के बाद कश्यप समाज के लोग एसएसपी आवास की ओर बढ़े, जिससे पुलिस ने घेराव की आशंका जताई। पुलिस ने आरएएफ और पीएसी की मदद से उन्हें रोक लिया और कचहरी वाले रास्ते से जाने को कहा। एसएसपी आवास की तरफ भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
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पुलिस का चौतरफा पहरा
धरने के दौरान पुलिस ने कमिश्नरी की ओर जाने वाले सभी मार्गों को सील कर दिया था। पुलिस ने कमिश्नरी पार्क के अंदर और बाहर सर्किल बना दिया था, ताकि कोई भी प्रदर्शनकारियों को अंदर जाने न पाए। हालांकि, कश्यप समाज के लोग पुलिस की योजनाओं को नाकाम करते हुए पैदल ही कमिश्नरी के पास पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। इस दौरान एसपी सिटी, एडीएम सिटी और अन्य अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ तैनात थे। खते ही देखते वहां कश्यप समाज के भारी संख्या में लोग जमा हो गए और सोनू के परिवार को न्याय दिलाने की मांगे करने लगे। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह, एडीएम सिटी बृजेश सिंह, एसपी ट्रैफिक राघवेंद्र मिश्र, एएसपी अंतरिक्ष जैन आदि अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ तैनात रहे।
हत्याकांड की घटना
सोनू कश्यप की हत्या का मामला 5 जनवरी को सामने आया था, जब वह मुंबई से लौटकर अपनी शादी की बात करने के लिए ज्वालागढ़ जा रहा था। रास्ते में टेंपो चालक से विवाद के बाद, चालक ने सोनू को शराब पिलाकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को घसीटकर आग लगा दी गई थी। पुलिस ने 6 जनवरी को आरोपी टेंपो चालक को गिरफ्तार किया था और मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच की एसआईटी को सौंप दी गई है।
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