कानपुर: कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज (जीएसवीएम) में एक बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां जिंदा मरीज को मृत घोषित कर दिया गया। इस घटना के बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कड़ी कार्रवाई करते हुए जिम्मेदार जूनियर डॉक्टर, स्टाफ नर्स और वार्ड आया को निलंबित कर दिया है।
गंभीरता से लिया गया मामला
यह मामला जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के वार्ड नंबर 12 के बेड संख्या 43 से जुड़ा है, जहां एक जिंदा मरीज को मृत घोषित कर पुलिस को सूचना भेजी गई थी। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इस घटना को गंभीरता से लिया और संबंधित अधिकारियों से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जांच के लिए कमेटी गठित
घटना की जांच के लिए एक तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया है, जो तीन दिन के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट पेश करेगी। इस कमेटी का अध्यक्ष डॉ. ऋचा गिरि, उप प्रधानाचार्य, जीएसवीएम को नामित किया गया है। साथ ही, डॉ. आरके सिंह (ला.ला.रा. और संबद्ध चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक) और डॉ. सौरभ अग्रवाल (मुख्य चिकित्सा अधीक्षक) को सदस्य के तौर पर नामित किया गया है।
डिप्टी सीएम का कड़ा बयान
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि इस तरह की घटनाएं संवेदनहीनता की पराकाष्ठा हैं और इसे किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस घटना को लेकर कड़ी निंदा करते हुए कहा कि जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने प्रकरण को गंभीरता से लिया। उन्होंने कॉलेज के प्रधानाचार्य को कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रकरण की गंभीरता के मद्देनजर ड्यूटी पर तैनात जूनियर रेजिडेंट डॉ. हिमांशु मौर्या, नर्सिंग स्टाफ सनी सोनकर और वार्ड आया रहनुमा को निलंबित कर दिया गया है।
इस घटना से जुड़े अन्य पहलू
यह घटना जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में कर्मचारियों की संवेदनशीलता और कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़ा करती है। जिंदा मरीज को मृत घोषित करने जैसी घटना ने अस्पताल के प्रबंधन और कर्मचारियों के कामकाजी माहौल पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं। इस घटना से संबंधित सभी पहलुओं की गहन जांच की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।
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