लखनऊ – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन किया, जो भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, और पं. दीनदयाल उपाध्याय की स्मृतियों को समर्पित है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने इन महान विभूतियों की कांस्य प्रतिमाओं का अनावरण भी किया।
राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन
प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद भारत माता की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और भाजपा व जनसंघ के गलियारे का अवलोकन किया। इस गलियारे में भारतीय राजनीति के इतिहास को तस्वीरों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। इसके बाद, उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी गैलरी, बंगाल विभाजन पर आधारित चित्रों का अवलोकन किया।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी और दीनदयाल उपाध्याय की गैलरी
प्रधानमंत्री मोदी ने पं. दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की गैलरी का भी अवलोकन किया, जहां इन नेताओं के जीवन से जुड़ी प्रमुख घटनाओं को प्रदर्शित किया गया है। यह गैलरी राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद करने का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगी।

सीएम योगी का भाषण
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में मंच पर पहुंचते ही प्रधानमंत्री मोदी का अभिवादन किया और श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को याद करते हुए कहा कि इन राष्ट्र नायकों के विचार और कार्य हमें हमेशा मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। उन्होंने अटल जी के ‘अंधेरा छटेगा, कमल खिलेगा‘ वाले उद्धारण का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संकल्प अब साकार होता हुआ दिख रहा है।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का संबोधन
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस अवसर पर संबोधित किया और प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों की सराहना की। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों के कारण देश में महंगाई दर कम हो रही है और विकास दर आठ फीसदी हो गई है। भारत की छवि अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूत हुई है, और पूरा विश्व भारत की आवाज को ध्यान से सुनता है।”
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अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर विशेष कार्यक्रम
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के मौके पर राष्ट्र प्रेरणा स्थल का लोकार्पण बटन दबाकर किया। इस मौके पर उन्होंने अटल जी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पं. दीनदयाल उपाध्याय की कांस्य प्रतिमाओं का अनावरण भी किया, जो उनके जीवन और कार्यों को सम्मानित करती हैं।
यह कार्यक्रम भारतीय राजनीति के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण रहा, जहां देश के महान नेताओं को याद करते हुए उनके योगदान को न केवल याद किया गया, बल्कि उनके विचारों को आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित किया गया।