Prayagraj : प्रयागराज (Prayagraj) में विजन 2047 विकसित भारत, विकसित प्रदेश की थीम पर आधारित 11 दिवसीय पुस्तक मेले का भव्य शुभारंभ किया गया। कटरा स्थित द पाम्स रिसोर्ट, रॉयल गार्डेन में आयोजित इस पुस्तक मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन, न्यायाधीश इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने किया। उद्घाटन अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, साहित्य प्रेमी, लेखक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
अपने प्रेरक उद्बोधन में न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन ने कहा कि सोशल मीडिया का अपना महत्व है, लेकिन पुस्तकों के बिना बौद्धिक विकास अधूरा है। उन्होंने कहा कि पुस्तकें न केवल हमारी भाषा और व्याकरण को मजबूत बनाती हैं, बल्कि शब्द भंडार, विचार शक्ति और तार्किक क्षमता को भी समृद्ध करती हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे पुस्तकों को अपना मित्र बनाएं और नियमित पठन को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। न्यायमूर्ति ने कहा कि पुस्तकें व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण में अहम भूमिका निभाती हैं और समाज को बौद्धिक दिशा प्रदान करती हैं।

आयोजक मनोज सिंह चंदेल ने बताया कि यह पुस्तक मेला पाठकों, लेखकों, विद्यार्थियों और साहित्य प्रेमियों के लिए एक समृद्ध मंच है। मेले की थीम विजन–2047 को ध्यान में रखते हुए यहां विकसित भारत और विकसित प्रदेश की संकल्पना से जुड़ी पुस्तकों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है। मेले में बाल साहित्य, शैक्षणिक पुस्तकें, प्रतियोगी परीक्षाओं की सामग्री, समसामयिक विषयों और भारतीय संस्कृति व ज्ञान पर आधारित पुस्तकों का विशाल संग्रह उपलब्ध है।

इस पुस्तक मेले में सूचना और प्रसारण मंत्रालय के साथ-साथ देश के प्रतिष्ठित प्रकाशकों ने अपने स्टॉल लगाए हैं। भारतीय ज्ञानपीठ, सस्ता साहित्य मंडल, सेतु प्रकाशन, हिन्दी युग्म, राजकमल प्रकाशन, वाणी प्रकाशन, लोकभारती, सम्यक प्रकाशन और राजपाल एंड संस सहित एक दर्जन से अधिक प्रकाशक पाठकों को पुस्तकों की विविधता प्रदान कर रहे हैं। पुस्तक प्रेमी सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक स्टॉलों का भ्रमण कर सकते हैं।
मेले को आम जनता के लिए 11 दिनों तक निःशुल्क रखा गया है, जिससे अधिक से अधिक लोग पुस्तकों से जुड़ सकें। इस अवसर पर सह आयोजक मनीष गर्ग, रोटरी प्रयागराज प्लैटिनम के अध्यक्ष डॉ. प्रतीक पांडेय, सीए संजय तलवार, अर्जुन अग्रवाल, आकर्ष चंदेल, शुभम अग्रवाल, सुशील खरबंदा, शिव शंकर सिंह सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। यह पुस्तक मेला प्रयागराज में साहित्यिक चेतना को नई ऊर्जा देने वाला साबित हो रहा है।
