नई दिल्ली: केंद्र सरकार की फ्लैगशिप Startup India पहल के तहत चलाई जा रही तीन प्रमुख योजनाओं—फंड ऑफ फंड्स फॉर स्टार्टअप्स (FFS), स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम (SISFS) और क्रेडिट गारंटी स्कीम फॉर स्टार्टअप्स (CGSS)—ने देशभर में महिलाओं द्वारा संचालित स्टार्टअप्स को महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता प्रदान की है। यह जानकारी वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने शुक्रवार को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
मंत्री ने बताया कि फंड ऑफ फंड्स फॉर स्टार्टअप्स (FFS), जिसे SIDBI के माध्यम से संचालित किया जाता है, के तहत SEBI-रजिस्टर्ड AIFs ने वर्ष 2020 से 31 अक्टूबर 2025 के बीच 154 महिला-नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स में करीब 2,838.9 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इस योजना का उद्देश्य AIFs को पूंजी उपलब्ध कराकर वेंचर कैपिटल निवेश को प्रोत्साहित करना है, ताकि वे योग्य स्टार्टअप्स में निवेश बढ़ा सकें।
स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम (SISFS), जो 1 अप्रैल 2021 से लागू है, ने देशभर के इनक्यूबेटर्स के माध्यम से शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को महत्वपूर्ण सहायता दी है। 31 अक्टूबर 2025 तक इनक्यूबेटर्स ने 1,635 महिला स्टार्टअप्स के लिए 284.79 करोड़ रुपये की फंडिंग स्वीकृत की, जिससे शुरुआती आइडिया वेलिडेशन, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और मार्केट एंट्री में महत्वपूर्ण मदद मिली।
वहीं, क्रेडिट गारंटी स्कीम फॉर Startup India (CGSS), जो 1 अप्रैल 2023 से लागू है और NCGTC द्वारा संचालित की जाती है, ने स्टार्टअप्स को बिना गारंटी लोन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की है। अक्टूबर 2025 के अंत तक, पात्र वित्तीय संस्थानों के माध्यम से महिला स्टार्टअप उधारकर्ताओं के लिए 33.17 करोड़ रुपये के 24 लोन की गारंटी दी गई।
तीनों स्कीमों के सेक्टर-वाइज और राज्य-वाइज सहायता के विस्तृत आंकड़े संसद में प्रस्तुत किए गए एनेक्सर में शामिल हैं।
मंत्री प्रसाद ने यह भी स्पष्ट किया कि भले ही सरकार स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत समर्थन प्रदान कर रही है, लेकिन स्टार्टअप्स की सफलता दर को पूर्ण रूप से मापने के लिए कोई तयशुदा या वस्तुनिष्ठ मानक उपलब्ध नहीं है। इसलिए ऐसे डेटा का केंद्रीय स्तर पर रख-रखाव नहीं किया जाता।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार देशभर में महिला उद्यमियों के लिए कई मेंटरशिप और प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रही है, जिनका उद्देश्य महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने और उसे बढ़ाने में सक्षम बनाना है।







