Kashi Tamil Sangamam 4.0 के तहत तमिलनाडु से डेलीगेशन के आने का सिलसिला लगातार जारी है, और इस बार एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जो तमिलनाडु और काशी के बीच प्राचीन सभ्यतागत संबंधों को उजागर करेगा। यह है ऐतिहासिक कार रैली, जो 10 दिसंबर को वाराणसी पहुंचेगी। इस रैली का नाम "ऋषि अगस्त्य वाहन अभियान" रखा गया है, जो 2800 किलोमीटर से अधिक की यात्रा तय करेगा और तमिलनाडु से काशी तक का मार्ग तय करेगा।
काशी तमिल संगमम् कार रैली की विशेषताएँ:
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कार रैली 10 दिसंबर को वाराणसी पहुंचेगी।
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54 लोगों का दल तेनकासी से यात्रा शुरू कर काशी पहुंचेगा।
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नौ दिनों में 2800 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की जाएगी।
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रैली की थीम में चिकित्सा, डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, आध्यात्मिक और सामाजिक सेवा शामिल है।
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अभियान की शुरुआत 2 दिसंबर को तेनकासी से हुई थी।
रेलवे की विशेष तैयारियाँ और काशी तमिल संगमम् की सफलता
काशी तमिल संगमम् 4.0 का आयोजन वाराणसी में धूमधाम से हो रहा है। रेलवे ने इस आयोजन के लिए विशेष तैयारियाँ की हैं, और तमिलनाडु से वाराणसी तक सात विशेष ट्रेनें चलाई हैं, ताकि अधिकतम प्रतिनिधियों को कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर मिल सके। काशी तमिल संगमम् में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया और इस प्रकार के कार्यक्रमों के महत्व को स्वीकार किया, जो देश के दो हिस्सों के बीच सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को सुदृढ़ करते हैं।
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