IND vs NZ: क्रिकेट के मैदान से एक बेहद रोमांचक और दिल की धड़कनें बढ़ा देने वाली खबर सामने आ रही है। भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में टीम इंडिया ने एक बार फिर बेहतरीन प्रदर्शन किया। Tilak Varma और Nitish Kumar Reddy की धमाकेदार पारियों की बदौलत भारत ने शनिवार को न्यूजीलैंड के मुंह से जीत छीन ली। इस रोमांचक जीत के साथ ही भारत ने पांच मैचों की इस टी20 मैच सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। आइए जानते हैं इस शानदार मुकाबले की पूरी कहानी।
New Zealand की पारी और शुरुआती झटके
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम न्यूजीलैंड की शुरुआत बेहद खराब रही थी। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत में ही कीवी टीम के ऊपरी क्रम को तहस-नहस कर दिया। ओपनर टिम साइफर्ट सिर्फ सात रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद युवा गेंदबाज प्रिंस यादव ने फिन एलन को बोल्ड कर भारत को दूसरी सफलता दिलाई। नंबर तीन पर उतरे अनुभवी डेरिल मिचेल भी कुछ खास नहीं कर सके और मात्र 6 रन बनाकर भुवनेश्वर कुमार का शिकार बने। आपको बता दें कि भुवी ने करीब चार साल बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के लिए कोई विकेट झटका है, जो फैंस के लिए एक खुशी का पल रहा।
फिलिप्स और जैकब्स की साझेदारी से मजबूत स्कोर
शुरुआती झटकों के बाद ग्लेन फिलिप्स और बेवन जैकब्स ने पारी को संभाला और एक बेहतरीन साझेदारी की। दोनों बल्लेबाजों के बीच चौथे विकेट के लिए 76 गेंदों में 116 रनों की मजबूत साझेदारी हुई, जिसने मैच का रुख बदल दिया। फिलिप्स ने 43 गेंदों में 70 रनों की आक्रामक पारी खेली, जिसमें चार चौके और चार छक्के शामिल थे। वहीं, जैकब्स ने भी 46 गेंदों में 58 रनों का योगदान दिया। इन दोनों की पारियों के दम पर न्यूजीलैंड ने निर्धारित 20 ओवरों में पांच विकेट खोकर 180 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। भारत की तरफ से गेंदबाजी में सबसे ज्यादा दो विकेट अर्शदीप सिंह ने हासिल किए।
मिचेल सैंटनर की घातक गेंदबाजी से संकट में भारत
लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत तो ठीक रही थी, लेकिन बीच के ओवरों में कीवी स्पिनर मिचेल सैंटनर ने कहर बरपा दिया। संजू सैमसन 14 रन और वैभव सूर्यवंशी चार रन बनाकर चलते बने। इसके बाद सैंटनर ने खतरनाक दिख रहे अभिषेक शर्मा (27 रन) और कप्तान श्रेयस अय्यर को पवेलियन की राह दिखाई। सैंटनर ने अक्षर पटेल और नमन धीर (31 रन) को भी अपना शिकार बनाया। मात्र 112 रन पर भारत के 6 विकेट गिर चुके थे और टीम गहरे संकट में थी। उस वक्त भारत को जीत के लिए 31 गेंदों में 69 रनों की दरकार थी।
तिलक और रेड्डी की नाबाद साझेदारी से भारत की ऐतिहासिक जीत
जब ऐसा लग रहा था कि मैच भारत के हाथ से निकल चुका है, तब तिलक वर्मा और नितीश कुमार रेड्डी ने मैदान पर मोर्चा संभाला। दोनों ने हार नहीं मानी और सातवें विकेट के लिए ताबड़तोड़ अंदाज में नाबाद 69 रनों की साझेदारी कर डाली।
नितीश कुमार रेड्डी ने मात्र 13 गेंदों में 26 रनों की तेज पारी खेली, जबकि तिलक वर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 26 गेंदों में नाबाद 51 रन ठोक डाले, जिसमें छह चौके और एक छक्का शामिल था। इन दोनों की सूझबूझ और आक्रामक खेल के कारण भारत ने एक गेंद शेष रहते ही लक्ष्य हासिल कर लिया। इस चमत्कारिक जीत से भारतीय खेमे में जश्न का माहौल है।







