Delhi Fire : दिल्ली के ज्वालापुरी इलाके में सोमवार सुबह एक बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। पीरागढ़ी चौक पर बीकानेरी स्वीट्स के पास स्थित इस इमारत में आग बेसमेंट से लेकर ऊपरी मंजिलों तक फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
दिल्ली पीरागढ़ी आग की घटना कैसे हुई?
जानकारी के मुताबिक, ज्वालापुरी क्षेत्र में फैक्टरी में आग लगने की सूचना सुबह करीब 5:40 बजे मिली। आग एक ऐसी इमारत में लगी थी, जिसमें अलग-अलग मंजिलों पर कई फैक्ट्रियां चल रही थीं। आग तेजी से फैलने के कारण दमकल विभाग को बड़े स्तर पर अभियान चलाना पड़ा। शुरुआत में आग बुझाने के लिए तीन वॉटर टेंडर, तीन वॉटर बाउजर, एक फोम टेंडर और दो क्विक रिस्पॉन्स वाहन मौके पर भेजे गए। स्टेशन अधिकारी राजेंद्र और स्टेशन अधिकारी नरेश ने अपनी टीमों के साथ राहत और बचाव का काम शुरू किया।
पीरागढ़ी फैक्टरी में आग बुझाने के लिए बढ़ाई गई टीमें
आग की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने अतिरिक्त संसाधन मंगवाए। सुबह करीब 6:25 बजे स्टेशन अधिकारी राजेंद्र ने वरिष्ठ अधिकारियों को स्थिति की जानकारी दी। इसके बाद सहायक संभागीय अधिकारी अमन ने अभियान की कमान संभाली।
सुबह 6:49 बजे दो अतिरिक्त वॉटर बाउजर की मांग की गई। इसके बाद मौके पर कुल तीन वॉटर टेंडर, पांच वॉटर बाउजर, एक फोम टेंडर और दो क्विक रिस्पॉन्स वाहन आग बुझाने में जुट गए। दमकलकर्मियों ने लगातार प्रयास करके आग पर काबू पाने का काम किया। सुबह करीब 10:30 बजे अभियान रोकने का संदेश मिला। हालांकि, आग बुझने के बाद भी इमारत में कूलिंग का काम जारी रखा गया, ताकि दोबारा आग भड़कने का खतरा कम किया जा सके।
अलग-अलग मंजिलों पर चल रही थीं फैक्ट्रियां
जिस इमारत में आग लगी, वह बेसमेंट, भूतल और चार ऊपरी मंजिलों वाली थी। इसका कुल क्षेत्रफल करीब 300 वर्ग गज बताया गया है। जानकारी के अनुसार, बेसमेंट में रबर मैट बनाने वाली फैक्टरी थी। भूतल पर हेलमेट बनाने का काम होता था, जबकि पहली और दूसरी मंजिल पर जूते और शॉल बनाने वाली फैक्ट्रियां थीं। अलग-अलग मंजिलों पर फैक्ट्रियां होने के कारण आग बुझाने का अभियान चुनौतीपूर्ण रहा।
दमकल विभाग की टीम ने आग पर काबू पाने के बाद कूलिंग की प्रक्रिया जारी रखी। अधिकारियों के मुताबिक, आग लगने की असली वजह का अभी पता नहीं चला है। मामले की जांच की जा रही है, जिसके बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आग किन परिस्थितियों में लगी।