Lucknow Shiva Sharma murder case: Lucknow के चर्चित शिवा शर्मा हत्याकांड जहां, इस मामले में पुलिस महकमे पर कार्रवाई का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। हजरतगंज (Hazratganj) कोतवाली के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह के बाद अब डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर (DCP Vikrant Vir) पर भी कार्रवाई हुई है। 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी विक्रांत वीर को डीसीपी सेंट्रल के पद से हटाकर प्रतीक्षारत कर दिया गया है। उन्हें पुलिस मुख्यालय से संबद्ध करने के आदेश जारी किए गए हैं।
पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा की ओर से इस मामले में लगातार कार्रवाई की जा रही है। रविवार को पहले विक्रांत वीर को लाइन हाजिर किया गया और फिर कुछ ही घंटों के भीतर उन्हें पद से हटाकर वेटिंग में डाल दिया गया। वहीं, इस हत्याकांड में नामजद श्रद्धा दुबे (shraddha dubey), रश्मि दुबे और चालक दानिश अब भी फरार हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस को आशंका है कि आरोपी दूसरे राज्यों या नेपाल में छिप सकते हैं। ऐसे में संभावित ठिकानों पर छापेमारी के साथ तकनीकी निगरानी भी की जा रही है।
बता दें कि लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा (Shiva Sharma) की 9 अक्टूबर को हजरतगंज इलाके के अवध ग्रीन अपार्टमेंट (Awadh Green Apartment) की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। शुरुआत में इस घटना को हादसा माना गया, लेकिन बाद में शिवा शर्मा के परिवार ने उनकी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा दुबे और उससे जुड़े लोगों पर मारपीट और हत्या का आरोप लगाया। परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी मौत से पहले लगी गंभीर चोटों का जिक्र किया गया।
इस मामले में श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और तनवीर अली उर्फ दानिश के खिलाफ कार्रवाई की गई। तीनों आरोपियों पर पहले 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। हालांकि, श्रद्धा दुबे ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल, पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और मामले की जांच जारी है।
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