Indian Railways News: दक्षिण रेलवे ने ट्रेनों और स्टेशनों में सफर के दौरान तेज आवाज में मोबाइल स्पीकर पर गाने या वीडियो चलाने के कारण अन्य यात्रियों को होने वाली असुविधा को रोकने के लिए, इस बढ़ते उपद्रव पर लगाम कसते हुए कड़े नियम लागू किए हैं। नियमों के मुताबिक, ऐसा करते पकड़े जाने पर 1 हजार रुपये का जुर्माना और ट्रेन से बाहर निकाला जा सकता है। वहीं, बार-बार गलती दोहराने पर 6 महीने तक की जेल और 5 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
जन विश्वास कानून के तहत ट्रेनों में उपद्रव पर लगेगी लगाम
दक्षिणी रेलवे ने यात्रियों को होने वाली असुविधा को रोकने के लिए जन विश्वास अधिनियम के तहत संशोधित रेलवे अधिनियम की धारा 145 का उल्लेख किया है। अधिकारियों के मुताबिक, अन्य रेलवे जोन और मेट्रो सेवाएं भी इस प्रावधान को अपना सकती हैं।
कानून के तहत मेट्रो में उपद्रव करने पर जुर्माना और कोच से बाहर निकालने का प्रावधान है। वहीं, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 270 के अनुसार, सार्वजनिक अधिकारों में बाधा डालना या आम जनता को परेशानी पहुँचाना एक दंडनीय अपराध है।
टिकट परिक्षक (TTE) को जुर्माना लगाने का अधिकार
रेलवे के अनुसार, टिकट परीक्षक (TTE) या उससे उच्च स्तर के वाणिज्यिक अधिकारियों को यात्रियों द्वारा उपद्रव फैलाने पर तुरंत 1 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाने का अधिकार दिया गया है। यह कदम ट्रेन में तेज आवाज में ऑडियो बजाकर दूसरों को परेशान करने वालों पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया है।
यदि कोई यात्री चेतावनी के बावजूद उपद्रव बंद नहीं करता, तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी। ऐसे मामलों में दोषी को 6 महीने तक की जेल, 5 हजार रुपए का जुर्माना या दोनों सजाएं एक साथ दी जा सकती हैं।
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