Uttar Pradesh News : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां कूष्माण्डा की पावन आराधना के इस विशेष अवसर पर उत्तर प्रदेश की नारी शक्ति और ग्रामीण समृद्धि को लेकर एक बहुत ही प्रेरणादायक संदेश साझा किया है। उन्होंने बताया कि किस तरह आज प्रदेश की महिलाएं छोटे-छोटे प्रयासों से अपने परिवार के साथ-साथ पूरे गांव की अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा दे रही हैं।
अभावों को पीछे छोड़ आत्मनिर्भरता की ओर कदम
सीएम योगी ने अपने सोशल मीडिया संदेश में कहा कि जब महिलाओं को सही अवसर और ताकत मिलती है, तो वे किसी भी अभाव को अपनी मेहनत के बल पर आत्मनिर्भरता और समृद्धि में बदल सकती हैं। आज उत्तर प्रदेश की महिलाएं केवल सरकारी योजनाओं की लाभाभार्थी बनकर नहीं रह गई हैं, बल्कि वे एक नए और सशक्त भारत के निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभा रही हैं।
बीसी सखी से लेकर ड्रोन दीदी तक बढ़ रहे आगे के रास्ते
साल 2017 से पहले महिलाओं के लिए अवसरों और संसाधनों की जो कमी हुआ करती थी, आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में वह दूर हो चुकी है। डबल इंजन सरकार ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार नए जरिए जोड़ रही है:
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बीसी सखी: गांवों के कोने-कोने तक बैंकिंग सेवाएं पहुँचाकर वित्तीय लेनदेन को आसान बना रही हैं।
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लखपति दीदी: ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन की एक नई और मजबूत पहचान बन चुकी हैं।
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ड्रोन दीदी: खेती-किसानी के कामों में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देकर नया आयाम गढ़ रही हैं। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों (SHG) और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के माध्यम से महिलाओं के लिए रोजगार के ढेरों नए द्वार खुले हैं।
गांव की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन रहीं महिलाएं
संदेश में इस बात पर खास जोर दिया गया कि अब महिलाएं केवल परिवार संभालने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे ग्रामीण अर्थव्यवस्था का नेतृत्व कर रही हैं। जब हमारे गांव की एक-एक महिला आर्थिक रूप से मजबूत और समृद्ध होगी, तभी हमारा पूरा उत्तर प्रदेश सही मायनों में आगे बढ़ सकेगा और सशक्त बनेगा।
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