India-Canada Trade Deal : भारत और कनाडा के बीच व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में नई पहल की जा रही है। कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू के मुताबिक, कनाडा पिछले तीन दशकों में भारत के लिए अपना सबसे बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भेज रहा है। इसमें करीब 300 कारोबारी प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच निवेश और व्यापार की संभावनाओं को बढ़ाना है। प्रतिनिधिमंडल एयरोस्पेस, क्लीन एनर्जी, टेक्नोलॉजी, लाइफ साइंसेज, कृषि-खाद्य और वानिकी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में साझेदारी के अवसर तलाशेगा।
एयरोस्पेस से लेकर क्लीन एनर्जी तक रहेगा फोकस
कनाडा के मंत्री मनिंदर सिद्धू ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए भारत दौरे की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह व्यापारिक मिशन दोनों देशों के बीच वाणिज्यिक संबंधों को और मजबूत करने में मदद करेगा। इस प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न उद्योगों से जुड़े कारोबारी शामिल होंगे। एयरोस्पेस, स्वच्छ ऊर्जा, तकनीक, जीवन विज्ञान, कृषि-खाद्य और वानिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कनाडाई कंपनियों को भारतीय बाजार में नए कारोबारी साझेदार खोजने और निवेश के अवसर तलाशने का मौका मिलेगा।
CEPA व्यापार समझौते पर आगे बढ़ेगी बातचीत
भारत और कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते यानी कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) को लेकर भी बातचीत जारी है। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाना, बाजार तक पहुंच आसान बनाना और कारोबारियों के लिए नए अवसर तैयार करना है। दोनों देश 2026 के अंत तक CEPA वार्ता पूरी करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। अक्टूबर की शुरुआत में ओटावा में समझौते को लेकर बातचीत का पांचवां दौर आयोजित किया गया था। इस वार्ता के जरिए दोनों पक्ष आर्थिक सहयोग के दायरे को बढ़ाने पर काम कर रहे हैं।
2030 तक 70 अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य
कनाडा ने भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 2030 तक 70 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। कनाडाई पक्ष के अनुसार, इस लक्ष्य को हासिल करने में ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, एयरोस्पेस और तकनीक जैसे क्षेत्र अहम भूमिका निभा सकते हैं। प्रस्तावित CEPA समझौता इस दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे दोनों देशों के कारोबारियों को बाजार में विस्तार के नए अवसर मिल सकते हैं।
भारतीय बाजार में कनाडाई कंपनियों की दिलचस्पी
भारत की बड़ी आबादी और बढ़ती अर्थव्यवस्था कनाडाई कंपनियों के लिए कारोबार के अवसर पैदा करती है। वहीं, कनाडा के साथ संभावित साझेदारी से भारत को ऊर्जा, तकनीक, कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश तथा सहयोग के नए रास्ते मिल सकते हैं। करीब 300 कारोबारी प्रतिनिधियों वाला यह मिशन दोनों देशों के बीच व्यापारिक संपर्क बढ़ाने की पहल है। हालांकि, व्यापार लक्ष्य हासिल करने की दिशा में वास्तविक प्रगति CEPA वार्ता के नतीजों, बाजार तक पहुंच और दोनों देशों के कारोबारी सहयोग पर निर्भर करेगी।



