UP Police Sports Quota Recruitment: उत्तर प्रदेश की खेल प्रतिभाओं के लिए गुरुवार का दिन बेहद खास रहा। राज्य सरकार ने खेल कोटे (Sports Quota) के तहत उत्तर प्रदेश पुलिस में चयनित 470 कुशल खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। Lucknow के लोक भवन सभागार में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद खिलाड़ियों को यह जिम्मेदारी सौंपी। सीएम ने सभी नवचयनित अभ्यर्थियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि राज्य में अब खेल और खिलाड़ियों को पूरा सम्मान मिल रहा है।
विभिन्न पदों पर मिली सीधी तैनाती
इस भर्ती अभियान के तहत चयनित खिलाड़ियों को पुलिस विभाग के अलग-अलग विंग में जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इनमें 43 उप निरीक्षक (नागरिक पुलिस), 295 आरक्षी (नागरिक पुलिस) और 132 आरक्षी (PAC) शामिल हैं। अब ये सभी खिलाड़ी उत्तर प्रदेश पुलिस का हिस्सा बनकर न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने में योगदान देंगे, बल्कि अपनी खेल यात्रा को भी जारी रखेंगे।
जर्सी से वर्दी तक की यात्रा और मेहनत का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि आज से आप सभी की जर्सी से वर्दी तक की एक नई यात्रा शुरू हो रही है। उन्होंने पारदर्शी प्रक्रिया पर जोर देते हुए अभ्यर्थियों से पूछा कि क्या इस चयन के लिए किसी ने कोई पैसा या सिफारिश मांगी? सीएम ने कहा कि यह नौकरी सरकार का कोई अहसान नहीं, बल्कि खिलाड़ियों की दिन-रात की मेहनत और लगन का नतीजा है।
2017 के बाद बदला भर्ती का माहौल
सीएम ने बताया कि 2017 से पहले प्रदेश में पुलिस विभाग के भीतर खिलाड़ियों के लिए सीधी भर्ती का कोई पारदर्शी रास्ता मौजूद नहीं था। हमारी सरकार ने इस प्रक्रिया को शुरू किया। अब तक 500 से अधिक खिलाड़ियों की चयन प्रक्रिया जारी है। इतना ही नहीं, ओलंपिक, कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले 7 खिलाड़ियों को तो सीधे डिप्टी एसपी (DSP) के पद पर तैनात किया गया है। डबल इंजन की सरकार में अब तक अलग-अलग विभागों में 534 से अधिक खिलाड़ियों को सीधी नौकरी दी जा चुकी है।
सुरक्षित माहौल, इंफ्रास्ट्रक्चर और गांव गोद लेने की सलाह
प्रदेश के बदलते माहौल की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब लोग शाम के बाद घर से निकलने में डरते थे, लेकिन सरकार ने 64 हजार हेक्टेयर जमीन को भू-माफियाओं के कब्जे से मुक्त कराया है। अब हर जिले और मंडल स्तर पर मिनी स्टेडियम, स्पोर्ट्स कॉलेज और स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाई जा रही हैं।
उन्होंने डीजीपी को निर्देश दिया कि इन सभी 470 खिलाड़ियों को एक-एक गांव गोद दिया जाए ताकि वे वहां युवाओं को खेलकूद से जोड़ सकें। सीएम ने युवाओं को नसीहत देते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी सोशल मीडिया रील्स में व्यस्त है। रील में सिर्फ लाइक मिलते हैं, लेकिन खेलकूद से जिंदगी बनती है।
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