Meerut News : उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में अपराधियों पर पुलिस की कड़ाई का एक बड़ा असर देखने को मिला है। स्क्रैप कारोबारी पर जानलेवा हमला करने वाला आरोपी शूटर रवीश पुलिस के एनकाउंटर और पैर में गोली लगने के डर से खुद हाथ में पोस्टर लेकर एसएसपी (SSP) कार्यालय पहुंच गया और सरेंडर कर दिया। आरोपी ने कैमरे के सामने कबूल किया कि उसे डर था कि पुलिस गिरफ्तारी के दौरान उस पर गोली चला सकती है, इसलिए उसने सीधे पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करना ही सही समझा।
24 लाख के लेन-देन में हुआ था हमला
पूरा मामला मेरठ के लोहियानगर थाना क्षेत्र का है। शुक्रवार को जुमे की नमाज अदा करके लौट रहे स्क्रैप व्यापारी हारून पर रवीश ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। इस हमले में हारून को तीन गोलियां लगीं और उन्हें गंभीर हालत में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुरुआती पुलिस जांच और परिजनों के आरोपों के मुताबिक, इस जानलेवा हमले के पीछे कमेटी के करीब 24 लाख रुपये के बकाया पैसों का पुराना विवाद बताया जा रहा है।
नामजद आरोपियों पर पुलिस की दबिश
पीड़ित पक्ष के भाई सोनू मलिक की शिकायत पर लोहियानगर थाने में इरशाद, रवीश, फिरोज, शबाना और बशीर के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस की कई टीमें आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए उनके ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही थीं। पुलिस के बढ़ते दबाव और एनकाउंटर की आशंका से घबराकर मुख्य शूटर रवीश ने खुद एसएसपी दफ्तर में जाकर पुलिस के सामने अपने हथियार डाल दिए।
पिस्टल और 6 जिंदा कारतूस बरामद
सरेंडर के समय रवीश के हाथ में एक पोस्टर भी था, जिसमें वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपनी गलती की माफी मांगते हुए भविष्य में कभी अपराध न करने की कसम खाता नजर आया। पुलिस ने पूछताछ के बाद आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई .32 बोर की पिस्टल और 6 जिंदा कारतूस बरामद कर लिए हैं। वहीं, रवीश ने दावा किया कि गोली गुस्से और छीना-झपटी में चली थी, लेकिन पुलिस उसके बयानों की बारीकी से जांच कर रही है।
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