Nepal Flood Relief India: नेपाल में विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद बने विकट हालात में भारत पूरी प्रतिबद्धता के साथ मदद के लिए आगे आया है। आपदा की घड़ी में एक जिम्मेदार पड़ोसी का फर्ज निभाते हुए भारतीय बचाव और राहत टीमें जमीनी स्तर पर पहुंचकर लगातार काम कर रही हैं।
चिलिमे सुरंग में चुनौतियों के बीच राहत कार्य
बाढ़ से प्रभावित चिलिमे स्थित सुरंग में रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत भारत की संयुक्त तकनीकी टीम जुटी हुई है। टीम लगातार सुरंग के भीतर भरा पानी बाहर निकालने और कीचड़ साफ करने में लगी है।
हालांकि सुरंग की अंदरूनी ढलान और जमा मलबा काम में बड़ी बाधा बना हुआ है। इस चुनौती से निपटने और भारी मशीनों को अंदर तक पहुंचाने के लिए एक अस्थायी रास्ता बनाया जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि यह रास्ता अगले दो से तीन दिनों में बनकर पूरी तरह तैयार हो जाएगा, जिससे मलबे की सफाई में गति आएगी।
काठमांडू में फोरेंसिक टीम का अहम योगदान
राहत अभियानों के साथ-साथ पीड़ितों की पहचान स्थापित करने के लिए भारतीय फोरेंसिक टीम काठमांडू में बेहद महत्वपूर्ण काम कर रही है। टीम अब तक 1,400 से अधिक डीएनए नमूनों की जांच में जुटी है। इनमें से 378 डीएनए प्रोफाइल तैयार किए जा चुके हैं, जिससे लापता लोगों के परिजनों को उनके अपनों की जानकारी मिलने में मदद मिलेगी।
सात विमानों से पहुंची 95 टन राहत सामग्री
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत अब तक सात विमानों के जरिए 95 टन राहत सामग्री नेपाल पहुंचा चुका है। उन्होंने कहा कि संकट के इस समय में भारत नेपाल के लोगों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है।
एक घनिष्ठ मित्र और पड़ोसी होने के नाते भारत न केवल वर्तमान राहत अभियानों में, बल्कि आने वाले समय में पुनर्निर्माण के प्रयासों में भी नेपाल को हर संभव सहायता देना जारी रखेगा।
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