Agriculture Research : आगरा सिर्फ अपनी ऐतिहासिक इमारतों के लिए ही नहीं, बल्कि अब कृषि विज्ञान के क्षेत्र में भी दुनिया भर में अपनी पहचान बनाने जा रहा है। शहर में दुनिया का तीसरा और दक्षिण एशिया का पहला अंतरराष्ट्रीय आलू अनुसंधान केंद्र स्थापित किया जा रहा है।
हाल ही में शाहजहां गार्डन स्थित सी-सार्क कार्यालय में इसे लेकर एक बेहद अहम बैठक हुई। इस बैठक में पेरू, चीन, अफ्रीका, अमेरिका और दक्षिण एशिया के प्रमुख वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने हिस्सा लिया और परियोजना की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की।
कृषि क्षेत्र में क्रांति और वैश्विक पहचान
इस परियोजना की खास बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी मुलाकात की है। कृषि मंत्री ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि आगरा का यह केंद्र नवाचार (Innovation) का नया हब बनेगा। इससे भारत न केवल आलू, बल्कि शकरकंद के अनुसंधान में भी वैश्विक स्तर पर नेतृत्व करेगा।
सींगना में तेजी से चल रहा निर्माण कार्य
सीआईपी दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र के निदेशक सुधांशु सिंह ने बताया कि आगरा के सींगना इलाके में केंद्र का निर्माण कार्य काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है। अगले छह महीने के भीतर आधुनिक लैब और मुख्य प्रशासनिक इमारतें बनकर पूरी तरह तैयार हो जाएंगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर की आधुनिक तकनीक और प्रयोगशालाएं उपलब्ध होंगी। आलू और शकरकंद की नई, रोग-प्रतिरोधी और बेहतर किस्में विकसित की जा सकेंगी। स्थानीय और क्षेत्रीय किसानों की फसल गुणवत्ता और पैदावार में बड़ा सुधार आएगा।
आगरा में बन रहा यह अंतरराष्ट्रीय आलू अनुसंधान केंद्र न केवल देश के किसानों के लिए नए अवसर खोलेगा, बल्कि कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में भारत को दुनिया के नक्शे पर एक मजबूत स्थिति में खड़ा करेगा। छह महीने बाद जब यह केंद्र शुरू होगा, तो इसका सीधा लाभ हमारे किसान भाइयों को मिलेगा।







