Yogi Ki Paati: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आठ सितंबर को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस (International Literacy Day) के मौके पर प्रदेशवासियों के नाम लिखी अपनी पाती में शिक्षा को सिर्फ अक्षर ज्ञान नहीं बल्कि ज्ञान, संस्कार और आत्मविश्वास का आधार बताया है। CM Yogi ने लिखा – शिक्षक वह दीप हैं, जो ज्ञान का प्रकाश फैलाकर आने वाली पीढ़ियों का मार्ग प्रशस्त करते है। सीएम योगी ने लिखा – हमारे बच्चे विद्यालय क्यों जाते हैं? केवल पढ़ना-लिखना सीखने के लिए नहीं, हमारा उद्देश्य बच्चों को ज्ञान, संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास एवं जीवन को सही दिशा देने वाली समझ देना है।
योगी की पाती में शिक्षा को लेकर सोच बिल्कुल स्पष्ट है। शिक्षा सिर्फ अक्षर ज्ञान नहीं, बल्कि बच्चे के व्यक्तित्व और भविष्य को गढ़ने का माध्यम है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा के साथ ज्ञान, संस्कार, अनुशासन और जिम्मेदारी के भाव पर जोर देते हुए क्या कहा आइए जानते है….
शिक्षा का असली उद्देश्य-
-शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ पढ़ना-लिखना नहीं, बल्कि समग्र विकास है
-शिक्षा बच्चों को ज्ञान के साथ संस्कार और अनुशासन भी देती है
-शिक्षा से बच्चों में आत्मविश्वास और जिम्मेदारी का भाव विकसित होना चाहिए
-गुरुकुल परंपरा ज्ञान के साथ जीवन-मूल्यों और दायित्वबोध की सीख देती है
-ज्ञान तभी सार्थक है, जब वह जीवन को सरल और समाज के लिए उपयोगी बनाए
-आज डिजिटल साक्षरता के साथ AI साक्षरता भी समय की जरूरत है
मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों,
शिक्षक वह दीप हैं, जो ज्ञान का प्रकाश फैलाकर आने वाली पीढ़ियों का मार्ग प्रशस्त करते हैं। इसी ज्ञान के विस्तार और प्रत्येक व्यक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में 8 सितंबर को हम अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाएंगे।
हमारी सरकार परंपरागत ज्ञान को आधुनिक… pic.twitter.com/qilR5B9XEL
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 7, 2026
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