Nepal Flood News : नेपाल में कुदरत का कहर! बाढ़ में 939 मौतें, 4 हजार से ज्यादा लापता; मलबे में जारी तलाश

Share This Article

Nepal Flood News : नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। अब तक नेपाल बाढ़ में 939 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 4,000 से ज्यादा लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। कई इलाकों में मलबा फैला हुआ है और रेस्क्यू टीमें लगातार लोगों की तलाश में जुटी हैं।

नेपाल में बाढ़ से इतनी बड़ी तबाही कैसे हुई?

26 अगस्त को ग्लेशियर टूटने के बाद भोटेकोशी नदी में अचानक पानी और मलबे का तेज बहाव शुरू हुआ। देखते ही देखते रसुवा जिले और आसपास के निचले इलाकों में पानी भर गया।

नेपाल बाढ़ आपदा में कई कस्बों, सड़कों और पुलों को भारी नुकसान पहुंचा है। पनबिजली परियोजनाओं और दूसरी जरूरी सुविधाओं का बुनियादी ढांचा भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है।आपदा के कई दिन बाद भी करीब 4000 लोग लापता हैं। रेस्क्यू टीमें मलबे में दबे लोगों और शवों की तलाश कर रही हैं।

नुवाकोट जिले के भोटेकोशी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में मंगलवार को एक ही घर के मलबे से 24 शव बरामद किए गए। अधिकारियों के मुताबिक बरामद शवों में 13 महिलाएं, 11 पुरुष और एक बच्चा शामिल है। फिलहाल इनकी पहचान नहीं हो सकी है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए काठमांडू के त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग अस्पताल भेजा गया है।

हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में फंसे लोग

नेपाल बाढ़ का असर देश की कई पनबिजली परियोजनाओं पर भी पड़ा है। त्रिशूली 3ए हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में करीब 40 से 42 इंजीनियरों के फंसे होने की जानकारी है। इन लोगों के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर चिंता बनी हुई है।

वहीं, त्रिशूली 3बी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में इंजीनियर, अधिकारी और श्रमिकों समेत 118 लोग फंसे बताए जा रहे हैं। उनसे संपर्क नहीं हो पाने के कारण स्थिति और गंभीर हो गई है।

बाढ़ के करीब एक सप्ताह बाद प्रभावित इलाकों में सड़ते शवों और मलबे से तेज दुर्गंध फैलने लगी है। इससे महामारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। रेस्क्यू टीमों के सामने अब सिर्फ लोगों और शवों को निकालने की चुनौती नहीं है, बल्कि साफ-सफाई और संक्रमण को रोकना भी बड़ी जिम्मेदारी बन गई है।

प्रिंसिपल की सूझबूझ से बची 900 छात्रों की जान

इस तबाही के बीच त्रिशूली सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल राजेंद्र दवाड़ी की सूझबूझ की भी चर्चा हो रही है। बाढ़ की चेतावनी मिलते ही उन्होंने स्कूल खाली करा दिया और करीब 900 छात्रों को सुरक्षित पहाड़ी इलाके में पहुंचाया। इसके कुछ समय बाद पानी, कीचड़ और चट्टानों का तेज बहाव स्कूल की इमारत को बहा ले गया। हालांकि स्कूल के दो कर्मचारी समय पर बाहर नहीं निकल सके और अभी भी लापता हैं।

read more : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का SCO शिखर सम्मेलन में संबोधन

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted

Live Channel

Advertisement

[wonderplugin_slider id=1]

Live Poll

[democracy id="2"]

Also Read This