PM Modi kyrgyzstan visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंच चुके हैं। यात्रा के पहले दिन उन्होंने बिश्केक स्थित महात्मा गांधी के स्मारक पर जाकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि गांधी जी के सत्य और अहिंसा के विचार आज भी हमारे दिलों पर एक गहरा और अमिट प्रभाव छोड़ते हैं। बिश्केक में पीएम मोदी का यह दौरा भारत और मध्य एशियाई देशों के मजबूत संबंधों की एक नई कहानी लिख रहा है।
प्रवासी भारतीयों और योग प्रेमियों से की खास मुलाकात
Bishkek पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री ने वहां रह रहे भारतीय समुदाय के प्रमुख सदस्यों और kyrgyzstan के नागरिकों से मुलाकात की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए लिखा कि भारत से गहरा लगाव रखने वाले लोगों के समूह से मिलकर बेहद खुशी हुई। इस समूह में प्रवासी भारतीयों के अलावा योग प्रेमी, पर्यावरण के प्रति उत्साही नागरिक, शिक्षाविद, ITEC के पूर्व छात्र और शोधकर्ता शामिल थे।
पीएम मोदी ने बताया कि विदेशों में भी भारत की संस्कृति और योग के प्रति लोगों का यह समर्पण देखकर मन प्रसन्न हो जाता है। उन्होंने यह भी जिक्र किया कि किर्गिस्तान में योग करने वाले एक उत्साही व्यक्ति ने अहमदाबाद में आयोजित वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप में भाग लेकर मेडल जीता था।

हवाई अड्डे और होटल में गूंजे देशभक्ति के नारे
किर्गिज़ गणराज्य के मंत्रिमंडल के अध्यक्ष आदिलबेक कासिमालिएव ने हवाई अड्डे पर पीएम मोदी का बहुत ही आत्मीय स्वागत किया। हवाई अड्डे पर उनके स्वागत के लिए पारंपरिक किर्गिज़ नृत्य का एक विशेष आयोजन भी रखा गया था। इसके बाद जब प्रधानमंत्री अपने होटल पहुंचे, तो वहां मौजूद भारतीय समुदाय के लोगों ने ‘वंदे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से पूरा माहौल गुंजायमान कर दिया। वहां उन्होंने राष्ट्रभक्ति गीत ‘मां तुझे सलाम’ की धुन पर योग की एक सुंदर प्रस्तुति देखी और भगवान शिव पर आधारित सांस्कृतिक नृत्य का भी आनंद लिया।
एससीओ सम्मेलन और सुरक्षा पर भारत का दृष्टिकोण
प्रधानमंत्री मोदी kyrgyzstan के राष्ट्रपति Sadyr Japarov के निमंत्रण पर 31 अगस्त और 1 सितंबर को आयोजित हो रहे इस 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। इस साल एससीओ अपनी स्थापना की 25वीं वर्षगांठ मना रहा है। सन 2001 में स्थापित इस संगठन में भारत और पाकिस्तान 2017 में शामिल हुए थे।
यात्रा पर रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने स्पष्ट किया था कि वे इस क्षेत्र में ‘सुरक्षा, संपर्क और अवसरों’ पर आधारित भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाना चाहते हैं। वे आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ से मुक्त एक सुरक्षित वातावरण बनाने के लिए साथी देशों के साथ मिलकर काम करने के प्रति प्रतिबद्ध हैं।
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