PM Modi Tashkent yoga session: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने उज्बेकिस्तान (Uzbekistan) के दो दिवसीय राजकीय दौरे के दौरान ताशकंद में आयोजित कार्यक्रमों की मुख्य विशेषताएं साझा की हैं। उन्होंने बताया कि इस यात्रा का प्रत्येक पड़ाव भारत और उज्बेकिस्तान के बीच निरंतर प्रगाढ़ होते संबंधों और गहरी आत्मीयता को दर्शाता है। यात्रा के दौरान प्रवासी भारतीय समुदाय से आत्मीय संवाद, ‘यांगी उज्बेकिस्तान स्मारक’ पर पुष्पांजलि और विशेष योग कार्यक्रम के जरिए दोनों देशों के मजबूत होते सांस्कृतिक रिश्तों को बल मिला है।

Tashkent में विशेष योग सत्र में शामिल हुए मोदी
अपनी यात्रा के क्रम में प्रधानमंत्री मोदी ताशकंद में आयोजित एक विशेष योग सत्र में शरीक हुए। इस दौरान उज्बेकिस्तान के 52 योग साधकों ने विभिन्न योगासनों का सुंदर प्रदर्शन किया। इस आयोजन में हर उम्र के लोगों की उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिली, जिसकी प्रधानमंत्री ने दिल से सराहना की। उन्होंने राष्ट्रपति शौकत मिर्ज़ियोयेव के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उज्बेकिस्तान में योग के प्रचार-प्रसार और लोगों को इससे जोड़ने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
विश्व योगासन चैंपियनशिप के पदक विजेताओं ने किया प्रदर्शन
Tashkent के इस सत्र में उज्बेकिस्तान योग फेडरेशन के छह ऐसे सदस्य भी शामिल हुए, जिन्होंने जून 2026 में भारत के अहमदाबाद में आयोजित पहले विश्व योगासन चैंपियनशिप में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया था। इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में उज्बेक खिलाड़ियों ने कुल 18 पदक अपने नाम किए थे, जिनमें 1 स्वर्ण, 14 रजत और 3 कांस्य पदक शामिल हैं। संपूर्ण प्रतियोगिता के दौरान उज्बेकिस्तान की टीम ने विभिन्न श्रेणियों में कुल 25 पदक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। ताशकंद में प्रधानमंत्री की उपस्थिति में इन पदक विजेताओं का योग प्रदर्शन दोनों देशों के बीच खेल और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग का प्रत्यक्ष उदाहरण बना।
Uzbekistan loves Yoga! pic.twitter.com/1AtlHCN0kF
— Narendra Modi (@narendramodi) August 30, 2026
योग बना दोनों देशों के सांस्कृतिक जुड़ाव का माध्यम
उज्बेकिस्तान में योग के प्रति लोगों का बढ़ता रुझान दोनों देशों के बीच मजबूत होते जन-समीकरण और सांस्कृतिक संबंधों का स्पष्ट प्रमाण है। अहमदाबाद में 4 से 8 जून 2026 तक आयोजित पहले विश्व योगासन चैंपियनशिप ने योगासन को वैश्विक स्तर पर एक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में नई पहचान प्रदान की है। इसमें उज्बेक एथलीटों की उत्कृष्ट सफलता और ताशकंद में पीएम मोदी के समक्ष उनकी प्रस्तुति ने भारत और उज्बेकिस्तान के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को नई गति दी है।
राष्ट्रपति मिर्ज़ियोयेव ने किया था विशेष स्वागत
ताशकंद पहुंचने पर राष्ट्रपति शौकत मिर्ज़ियोयेव ने स्वयं हवाई अड्डे पर उपस्थित होकर प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया था। प्रधानमंत्री ने इस आत्मीय स्वागत के लिए धन्यवाद देते हुए उल्लेख किया कि यह उनकी उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा है, जो दोनों देशों के मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों की गहराई को दर्शाती है। आर्थिक और राजनीतिक सहयोग के साथ-साथ यह यात्रा दोनों देशों के नागरिकों के बीच जुड़ाव को और गहरा करने में बेहद सफल सिद्ध हुई है।
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