Nepal floods: Nepal में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है। नेपाल के टिमुरे इलाके में फंसे 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने गुरुवार को इस बात की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बचाए गए सभी लोगों की सूची जारी की। यह सभी यात्री तमिलनाडु के निवासी हैं और कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले थे। सरकार लगातार वहां फंसे अन्य लोगों से भी संपर्क साधने में लगी हुई है।
बचाए गए यात्रियों की सूची और विदेश मंत्रालय का अपडेट
विदेश मंत्रालय की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, बचाए गए यात्रियों में शिवरंजनी मुथुनाथन, कर्पगम राजमोहन, मारन गोविंदासामी, शांति मारन, मुथुकुमारेसन रामलिंगम, नवु कबीरदास, विजयभुवनेश्वरी विश्वनाथन, मैथिली मुथुकुमारेसन, त्यागराजन रथिनम, किरुबागरी बालासुब्रमण्यम, वल्लीनायकी शिवकुमार, साथिया जयारमन, थिरुमावलवन गोविंदरासु, कनागासाबाई नतेसापिल्लई, राधाई कनागासाबाई, रथिनाकुमार कुंचिथपथप, पुंगुझाली पोन्नम्बलम, पझानियाप्पन मैकापेरुमल, कलैमथी पझानियाप्पन, रघुनाथन मुनिराज और कनागासाबाई नतेसा पिल्लई शामिल हैं।
Update on Indian nationals rescued in Nepal.
21 Indian nationals from Tamil Nadu, who travelled for the Kailash Mansarovar Yatra, have been rescued in Nepal.
Details below ⬇️ pic.twitter.com/L0SGOWqvga
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) August 27, 2026
विदेश मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग और लापता लोगों का आंकड़ा
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि नेपाल में अभी भी 288 भारतीयों से संपर्क नहीं हो पाया है, जिनमें से 73 लोग त्रिशूली-1 पावर प्रोजेक्ट में कार्यरत हैं। इसके अलावा तिब्बत में फंसे करीब 200 भारतीय नागरिकों से भी लगातार संपर्क साधने का प्रयास किया जा रहा है।
Nepal बाढ़ राहत कार्य और भारत की मदद
Nepal-Tibet सीमा पर आए इस फ्लैश फ्लड में मरने वालों की संख्या बढ़कर 270 तक पहुंच गई है। संकट की इस घड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से बात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। भारत सरकार ने नेपाल की जरूरत के अनुसार राहत सामग्री और बेली ब्रिज भेजने की व्यवस्था की है। विदेश मंत्रालय ने स्थिति की निगरानी के लिए 24 घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम तैयार किया है, साथ ही काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावासों में भी हेल्पलाइन सेवा शुरू कर दी गई है।
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