दिल्ली में लाल किले के बाहर 10 नवंबर को हुए कार बम विस्फोट ने पूरे देश को हिला दिया था। इस घटना में 15 लोगों की मौत और कई घायल होने के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने मामले को अपने हाथों में लिया और अब जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। ताज़ा कार्रवाई में NIA ने फरीदाबाद के धौज इलाके से शोएब को गिरफ्तार किया है, जिसे आतंकवादी उमर उन नबी का बेहद करीबी और मददगार बताया जा रहा है। यह गिरफ्तारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि एनआईए की जांच में खुलासा हुआ है कि शोएब ने विस्फोट से पहले उमर को पनाह दी थी और उसे लॉजिस्टिक सहायता तक उपलब्ध कराई थी।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि शोएब वह व्यक्ति है जिसने उमर को नूंह में किराये का कमरा दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। यही कमरा था जहां उमर विस्फोट से दस दिन पहले ठहरा हुआ था और उसी दौरान उसने धमाके की साजिश को अंतिम रूप दिया था। एजेंसी के अनुसार शोएब ने इस कमरे के लिए पूरी गारंटी ली थी, जिससे यह संकेत मिलता है कि वह सिर्फ एक सामान्य मददगार नहीं बल्कि साजिश का सक्रिय हिस्सा था।
शोएब केवल कमरे की व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसने उमर के सामान को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में भी मदद की। जांच में पता चला है कि नूंह के जिस घर में उमर ठहरा था, वह शोएब की साली अफसाना का था, और इस रिश्ते का फायदा उठाकर आरोपी ने उसे सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराया। एनआईए की टीम अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि शोएब को धमाके की पूरी जानकारी थी या नहीं, या फिर वह उमर के निर्देशों पर अंधाधुंध मदद कर रहा था। जिस दिन दिल्ली में धमाका हुआ, उससे कुछ घंटे पहले तक उमर नूंह में ही मौजूद था। शोएब द्वारा दिलाए गए ठिकाने से ही वह राजधानी के लिए निकला था।
धमाके के बाद से अब तक एनआईए छह लोगों को गिरफ्तार कर चुकी थी, और शोएब सातवां आरोपी है जिसे हिरासत में लिया गया है। हर गिरफ्तारी के साथ जांच में नई परतें खुल रही हैं, और अब एजेंसी इस मामले को नेटवर्क आधारित आतंकवादी गतिविधि के रूप में देख रही है। अधिकारियों का कहना है कि उमर उन नबी का मॉड्यूल सिर्फ एक व्यक्ति पर आधारित नहीं था, बल्कि कई ऐसे लोग इसमें शामिल थे जो लॉजिस्टिक और ग्राउंड सपोर्ट प्रदान कर रहे थे ।
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