World Nature Conservation Day : प्रकृति हमारे जीवन का सबसे अहम हिस्सा है। हवा, पानी, जंगल और जीव-जंतु सभी हमारे अस्तित्व से जुड़े हुए हैं। इसी महत्व को समझाने के लिए हर साल विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और नेताओं ने लोगों से प्रकृति को बचाने और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की।
नेताओं ने कहा कि प्रकृति सिर्फ हमारी संपत्ति नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की जिम्मेदारी भी है। छोटे-छोटे प्रयासों से हम पर्यावरण को बेहतर बना सकते हैं।
नितिन गडकरी ने प्रकृति संरक्षण का दिया संदेश
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं देते हुए प्रकृति बचाने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रकृति केवल हमारी विरासत नहीं है, बल्कि हमारी सामूहिक जिम्मेदारी भी है। जंगलों, नदियों, वन्यजीवों और जैव विविधता की रक्षा के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए। नितिन गडकरी ने इस बात पर जोर दिया कि समझदारी भरे फैसलों और सामूहिक प्रयासों से आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हराभरा और स्वस्थ भविष्य बनाया जा सकता है।
मुख्यमंत्रियों ने भी दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
इस खास दिन पर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी लोगों से पर्यावरण संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी मानने की अपील की। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण केवल एक जिम्मेदारी नहीं बल्कि जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने जल, वायु, वन और भूमि को बचाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने हरित दिल्ली और स्वच्छ दिल्ली के निर्माण में लोगों की भागीदारी को जरूरी बताया।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने भी लोगों को प्रकृति संरक्षण के लिए आगे आने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रकृति आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी धरोहर है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनकी देखभाल करने और स्वच्छ वातावरण बनाने में योगदान देने की अपील की। नायब सैनी ने यह भी कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग करना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।
जैव विविधता संरक्षण पर नेताओं का जोर
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का संकल्प लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि हरियाली, जल और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए किया गया हर छोटा प्रयास भविष्य को सुरक्षित बनाने में मदद करेगा। वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी पर्यावरण संरक्षण को आने वाली पीढ़ियों के स्वस्थ और समृद्ध जीवन की नींव बताया।
महाराष्ट्र और बिहार के नेताओं ने भी की अपील
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि प्रकृति हमें मिला सबसे बड़ा उपहार है और इसे सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से हरी-भरी धरती को बढ़ावा देने और पर्यावरण की रक्षा करने की अपील की। बिहार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी पर्यावरण संरक्षण को लेकर लोगों से संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने वृक्षारोपण, जल संरक्षण और जैव विविधता की रक्षा को जरूरी बताया।
उन्होंने कहा कि आज प्रकृति को बचाने के प्रयास ही कल मानव जीवन को सुरक्षित बनाएंगे। प्रकृति संरक्षण केवल सरकार या संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं है। हर व्यक्ति अपने स्तर पर छोटे कदम उठाकर पर्यावरण को बेहतर बनाने में योगदान दे सकता है। पेड़ लगाना, पानी बचाना, प्लास्टिक का कम इस्तेमाल करना और आसपास साफ-सफाई रखना जैसे छोटे प्रयास भी बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
Glasgow Commonwealth Games: Raja Muthupandi ने वेटलिफ्टिंग में जीता रजत पदक, PM Modi ने दी बधाई







