Samudra Pradakshina : भारत की बेटियों ने एक बार फिर अपनी क्षमता और हौसले का शानदार प्रदर्शन किया है। तीनों सेनाओं की नौ महिला अधिकारियों ने कठिन समुद्री यात्रा पूरी कर देश का नाम रोशन किया है। उनके इस समुद्र प्रदक्षिणा अभियान को पूरा करने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उनका स्वागत किया और इसे देश की बढ़ती नारी शक्ति का प्रतीक बताया। तीनों सेनाओं की महिला अधिकारियों ने 314 दिनों में चार समुद्रों की यात्रा पूरी की। इस दौरान उन्होंने करीब 25,500 नॉटिकल मील की दूरी तय की। यह अभियान कई चुनौतियों से भरा था, लेकिन महिला अधिकारियों ने अपने आत्मविश्वास और साहस के दम पर इसे सफल बनाया।
यह यात्रा भारतीय सेना के 50 फीट लंबे सेलिंग वेसल (आईएएसवी) त्रिवेणी से पूरी की गई। अभियान की शुरुआत मुंबई से हुई थी, जहां से इसे रवाना किया गया था। यह महिला नौकायन अभियान केवल एक समुद्री यात्रा नहीं थी, बल्कि महिलाओं की क्षमता और दृढ़ संकल्प की पहचान भी थी। इस अभियान की तैयारी करीब दो साल से चल रही थी। इसमें शामिल अधिकारियों ने मिलकर समुद्र की कठिन परिस्थितियों का सामना किया। यात्रा के दौरान उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों का पालन किया। साथ ही दो बार भूमध्य रेखा को पार किया और इंटरनेशनल डेटलाइन को भी पार किया। जिस समुद्री क्षेत्र से यह अभियान गुजरा, उसे नाविकों के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में माना जाता है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि को नए भारत की तस्वीर बताया। उन्होंने कहा कि समुद्र की ऊंची लहरों और भारतीय बेटियों के हौसले के बीच मुकाबला था, जिसमें बेटियों का आत्मविश्वास सबसे मजबूत साबित हुआ।
उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और अपनी मेहनत से इतिहास में नया अध्याय जोड़ रही हैं। तीनों सेनाओं की महिला अधिकारियों का यह अभियान देश की बेटियों के लिए प्रेरणा है। इस अभियान ने दिखाया है कि जब महिलाओं को अवसर और सही मंच मिलता है, तो वे किसी भी चुनौती का सामना कर सकती हैं। भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी देश में बदलती सोच को भी दर्शाती है।
समुद्र की कठिन परिस्थितियों में यह यात्रा पूरी करना महिला अधिकारियों की मेहनत, अनुशासन और टीम भावना का परिणाम है।







