उत्तर प्रदेश के Ghazipur से समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी (Afzal Ansari) की कानूनी और राजनीतिक मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। मुख्तार अंसारी गैंग से जुड़े शस्त्र लाइसेंसों की जांच के दौरान पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सांसद अफजाल अंसारी समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
यह पूरा मामला सरकारी अभिलेखागार से शस्त्र लाइसेंस और हथियारों की खरीद-बिक्री से जुड़ी मूल पत्रावलियां गायब कराने से जुड़ा है। पुलिस का मानना है कि इन फाइलों को इसलिए गायब किया गया ताकि रिकॉर्ड और हथियारों के इस्तेमाल से जुड़े अहम तथ्यों को छिपाया जा सके।
क्या है पूरा मामला और क्यों दर्ज हुई शिकायत?
Ghazipur पुलिस पिछले कुछ समय से मुख्तार अंसारी गैंग से जुड़े सहयोगियों और करीबियों के शस्त्रों का सत्यापन कर रही थी। इसी जांच के दौरान यह बात सामने आई कि जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय के शस्त्र अनुभाग से अहम दस्तावेज गायब हैं।
जांच अधिकारियों के अनुसार, गाजीपुर के शहर कोतवाली थाना में मुकदमा संख्या 535/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने जिला प्रशासन के शस्त्र लिपिकों से मिलीभगत कर मूल रिकॉर्ड गायब कराए, ताकि इन हथियारों का इस्तेमाल आईएस-191 गैंग की आपराधिक गतिविधियों में किया जा सके और कोई कागजी सुराग न मिले।
कैसे गायब हुई फाइल और कौन-कौन हैं नामजद?
पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में सपा सांसद अफजाल अंसारी के अलावा तत्कालीन प्रथम शस्त्र लिपिक अशफाक अहमद और द्वितीय शस्त्र लिपिक गौरी शंकर राम को नामजद किया गया है।
मामले की पड़ताल में पता चला कि अफजाल अंसारी के नाम पर जारी लाइसेंस संख्या 1188 पी-2 की मूल फाइल और उस लाइसेंस पर खरीदी गई रायफल नंबर 830405 का सरकारी रिकॉर्ड में कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 409 और 120-बी के साथ-साथ आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जांच का दायरा और आगे की कार्रवाई
पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई तो महज शुरुआती पड़ताल में सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई है। अभी भी करीब 51 शस्त्र लाइसेंसों और 145 हथियारों के सत्यापन का काम चल रहा है।
अधिकारियों ने साफ किया है कि जांच आगे बढ़ने के साथ अगर किसी अन्य लाइसेंस या हथियार के रिकॉर्ड में गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। इस पूरे मामले से स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में Ghazipur की राजनीति और कानूनी मामलों में हलचल और बढ़ने वाली है।
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