Covid-19 Andhra Pradesh: आंध्र प्रदेश से स्वास्थ्य से जुड़ी एक नई खबर सामने आई है। मंगलवार को राज्य में कोरोना वायरस के 7 नए मामले दर्ज किए गए हैं। इन नए मामलों के सामने आने के बाद अब राज्य में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है।
हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को आश्वस्त करते हुए साफ किया है कि ये मामले अलग-अलग इलाकों से आए हैं। राज्य में कहीं भी संक्रमण का कोई बड़ा फैलाव या क्लस्टर आउटब्रेक जैसी स्थिति नहीं है। आइए जानते हैं कि किस जिले में कितने मामले मिले हैं और मरीजों की स्थिति कैसी है।
जिलों के अनुसार मामलों का विवरण
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को मिले 7 नए मामलों में से 4 मरीज गुंटूर जिले से हैं, 2 मामले पूर्वी गोदावरी से और 1 मामला बापटला से सामने आया है। यदि पूरे राज्य की बात करें, तो अब तक अलग-अलग जिलों में मिले कुल 26 मामलों का ब्योरा कुछ इस प्रकार है:
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कडपा: 8 मरीज
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गुंटूर: 6 मरीज
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पूर्वी गोदावरी: 3 मरीज
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काकीनाडा और बापटला: 2-2 मरीज
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विशाखापटनम, एलुरु, नेल्लोर, एनटीआर और पार्वतीपुरम मान्यम: 1-1 मरीज
स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और संदिग्ध लक्षणों वाले लोगों की जांच की जा रही है।
मरीजों का इलाज और रिकवरी की स्थिति
राज्य में अब तक कुल 145 सैंपलों की जांच की जा चुकी है। राहत की बात यह है कि कुल 26 मरीजों में से 3 लोग पूरी तरह ठीक होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं।
फिलहाल 10 मरीजों का इलाज अस्पताल में चल रहा है, जबकि 9 मरीज डॉक्टरों की निगरानी में होम आइसोलेशन में हैं। विभाग ने यह भी बताया कि अब तक 4 मरीजों की मृत्यु हुई है, लेकिन ये सभी मृतक कोरोना से संक्रमित होने से पहले ही अन्य गंभीर और पुरानी बीमारियों से पीड़ित थे।
Covid-19 का इतिहास और वर्तमान स्थिति
Covid-19 (SARS-CoV-2) एक ऐसा वायरस है जिसने पूरे विश्व के स्वास्थ्य ढांचे को गहराई से प्रभावित किया था। इसका पहला मामला दिसंबर 2019 में चीन के वुहान में मिला था, जिसके बाद 11 मार्च 2020 को डब्ल्यूएचओ ने इसे वैश्विक महामारी घोषित किया। भारत में पहला मामला जनवरी 2020 में केरल में दर्ज हुआ था।
शुरुआती दौर में जब इसका कोई सटीक इलाज नहीं था, तब ऑक्सीजन सपोर्ट, पैरासिटामोल और स्टेरॉयड जैसी दवाओं से मरीजों की जान बचाई गई। बाद में भारत में बनी ‘कोविशील्ड’ और ‘कोवैक्सीन’ जैसी स्वदेशी टीकों के व्यापक अभियान ने स्थिति को नियंत्रण में लाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई।
व्यापक टीकाकरण और लोगों के भीतर बनी इम्युनिटी के कारण मई 2023 में WHO ने इसे वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल से बाहर कर दिया था। अब यह एक सामान्य मौसमी संक्रमण की तरह रह गया है।
WHO के अनुसार, अधिकांश लोग हल्के लक्षणों के बाद खुद ही ठीक हो जाते हैं। हालांकि, बुजुर्गों और पहले से गंभीर बीमारियों (जैसे डायबिटीज या दिल की बीमारी) से जूझ रहे लोगों को अब भी थोड़ा सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।
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