Delhi CM Rekha Gupta Varanasi visit: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शनिवार को धार्मिक नगरी Varanasi पहुंचीं, जहां उन्होंने बेहद सादगी और भक्तिभाव के साथ अपना 52वां जन्मदिन मनाया। इस खास मौके पर उनके पति मनीष गुप्ता और बेटे निकुंज भी उनके साथ मौजूद रहे। मुख्यमंत्री का यह दौरा पूरी तरह से आध्यात्मिक रहा, जिसमें उन्होंने काशी के प्रसिद्ध मंदिरों में दर्शन-पूजन किया और दिल्ली की जनता की खुशहाली के लिए मन्नतें मांगीं। वाराणसी पहुंचने के बाद उन्होंने सबसे पहले स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ एक होटल में केक काटा और फिर परिवार के साथ भगवान शिव की भक्ति में लीन हो गईं।
काल भैरव और बाबा विश्वनाथ के दरबार में टेका मत्था
रविवार की सुबह मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता तय कार्यक्रम के मुताबिक सबसे पहले काशी के कोतवाल कहे जाने वाले श्री काल भैरव मंदिर पहुंचीं। वहां उन्होंने पूरी श्रद्धा के साथ आरती की, जिसके बाद मंदिर के पुजारी ने उन्हें रक्षा सूत्र के रूप में काला धागा बांधा। इसके तुरंत बाद वह श्री काशी विश्वनाथ धाम (kashi vishwanath dham) के लिए रवाना हुईं। मंदिर परिसर पहुंचने पर वहां के प्रशासन और अधिकारियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। बाबा के गर्भगृह में जाने से पहले उन्होंने परिसर में स्थित श्री अविमुक्तेश्वर महादेव की विशेष पूजा की और फिर मुख्य मंदिर में जाकर बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया।
मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ धार्मिक अनुष्ठान
मुख्यमंत्री की इस खास पूजा के दौरान मंदिर में वैदिक विधि से हुआ रुद्राभिषेक, जिसे पांच वरिष्ठ आचार्यों और विद्वान पुजारियों ने मिलकर संपन्न कराया। इस अनुष्ठान के दौरान सबसे पहले शिवलिंग का दूध, दही, घी, शहद और चीनी से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। इसके बाद निरंतर बहती जलधारा के बीच गंगाजल, गन्ने के रस और अन्य पवित्र द्रव्यों से बाबा का श्रृंगार और अभिषेक हुआ। पूजा खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री ने पूरे परिसर का चक्कर लगाया और अधिकारियों से वहां की व्यवस्थाओं तथा श्रद्धालुओं को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली।
दिल्ली की खुशहाली के लिए मांगी दुआ
दर्शन करने के बाद जब मीडिया ने उनसे बात की, तो अब जानिए मुख्यमंत्री ने क्या कहा। उन्होंने बताया कि वह बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद लेने और दिल्ली के लोगों के अच्छे स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि की कामना करने के लिए काशी आई हैं। उन्होंने काशी की तारीफ करते हुए कहा कि यह शहर भारत की सनातन चेतना का केंद्र है, जहां आकर एक अलग ही मानसिक शांति मिलती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बाबा की कृपा से पूरा देश तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ता रहेगा।
दशाश्वमेध घाट पर की पूजा-अर्चना
अपने जन्मदिन की पूर्व संध्या पर, यानी शनिवार की शाम को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता परिवार के साथ विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती में शामिल हुईं। उन्होंने दशाश्वमेध घाट पर करीब 45 मिनट तक बैठकर पूरी आरती देखी और दीपदान किया। इस दौरान वह पूरी तरह भक्ति के रंग में डूबी नजर आईं। आरती से पहले उन्होंने क्रूज पर बैठकर गंगा नदी की सैर भी की और घाटों की स्वच्छता की सराहना की। गंगा सेवा निधि की डायरी में उन्होंने लिखा कि मां गंगा के चरणों में आकर वह खुद को बेहद भाग्यशाली महसूस कर रही हैं।
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