Ram Mandir चंदा चोरी मामला: उत्तर प्रदेश की राजनीति और अयोध्या के घटनाक्रम को लेकर इन दिनों सियासी पारा काफी चढ़ा हुआ है। पिछले कुछ समय से अयोध्या का एक मामला लगातार अखबारों और सोशल मीडिया की सुर्खियों में बना हुआ है। इस पूरे घटनाक्रम और विपक्ष के आरोपों के बीच अब प्रदेश के मुखिया का एक बेहद तल्ख और बड़ा रुख सामने आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे विवाद पर खुलकर अपनी बात रखी है और साफ कर दिया है कि जनआस्था के साथ किसी भी तरह की अनियमिता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Ram Mandir चंदा चोरी मामला
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से Ram Mandir चंदा चोरी मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले में कई गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिसके बाद से ही प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दे रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने अब तक कई आरोपियों को अपनी हिरासत में भी लिया है। इस पूरे प्रकरण को लेकर विपक्षी दल लगातार राज्य सरकार और मंदिर प्रबंधन पर सवाल उठा रहे थे, जिसके बाद अब मुख्यमंत्री ने खुद कमान संभालते हुए विरोधियों को जवाब दिया है।

CM Yogi आदित्यनाथ का बयान
उत्तर प्रदेश के देवरिया में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ का बयान सामने आया। उन्होंने इस मामले पर बोलते हुए कहा कि रामभक्तों की बेवजह अग्निपरीक्षा नहीं ली जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग आज आक्षेप लगा रहे हैं, उनकी मंशा कभी अच्छी नहीं रही। उन्होंने जनता को याद दिलाया कि ये वही लोग हैं जो कभी भगवान राम के अस्तित्व पर ही सवाल उठाते थे और आज अचानक रामभक्त बनने का दिखावा कर रहे हैं।
अयोध्या एसआईटी जांच
CM Yogi ने मंच से जनता को भरोसा दिलाया कि सरकार इस मामले की तह तक जाने के लिए पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्षता के लिए अयोध्या एसआईटी जांच बिठाई गई है। सीएम ने विरोधियों को चुनौती देते हुए कहा कि अगर किसी के पास गड़बड़ी का कोई ठोस सबूत है, तो वे सोशल मीडिया पर राजनीति करने के बजाय सीधे एसआईटी को सौंपें। उन्होंने बताया कि जैसे ही एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट आई थी, सरकार ने तुरंत एक्शन लेना शुरू कर दिया था और जल्द ही इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
यूपी में जीरो टॉलरेंस नीति
अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी सरकार के कड़े रुख को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पूरी तरह से यूपी में जीरो टॉलरेंस नीति लागू है। उन्होंने कड़े लहजे में चेतावनी दी कि सनातन और जनता की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने पुराने दिनों की याद दिलाते हुए कहा कि साल 2016 में थानों में आग लगा दी जाती थी, लेकिन आज त्योहारों के दौरान कोई सड़कों पर हुड़दंग या गुंडागर्दी नहीं कर सकता। अगर किसी ने भी माहौल खराब करने की कोशिश की, तो फिर सात पीढ़ियों तक भुगतेगा भी।
उत्तर प्रदेश विकास और रोजगार
अपने संबोधन के आखिरी हिस्से में मुख्यमंत्री ने राज्य में बुनियादी ढांचे और युवाओं के भविष्य को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विकास और रोजगार के मामले में आज नई ऊंचाइयों को छू रहा है। सरकार अब तक करीब 9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां दे चुकी है। पूर्वांचल के जिलों जैसे देवरिया, गोरखपुर और कुशीनगर में तेजी से नया निवेश आ रहा है और नए उद्योग धंधे लग रहे हैं। बेहतर कनेक्टिविटी और सड़कों के जाल की वजह से अब यूपी की युवा शक्ति को अपने ही क्षेत्र में आगे बढ़ने के बेहतरीन मौके मिल रहे हैं।
CM Yogi आदित्यनाथ के इस कड़े रुख से यह साफ हो गया है कि अयोध्या से जुड़े किसी भी मामले में सरकार जरा भी ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। एक तरफ जहां एसआईटी की टीम बारीकी से जांच में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ सरकार ने यह भी स्पष्ट संदेश दे दिया है कि इस मुद्दे पर किसी भी तरह की सियासी रोटियां नहीं सेकने दी जाएंगी। अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में जांच कमेटी की अंतिम रिपोर्ट में क्या कुछ निकलकर सामने आता है।

